
प्रतीकात्मक तस्वीर
Delhi Government Scheme: दिल्ली सरकार रक्षाबंधन पर दिल्ली लक्ष्मी योजना शुरू करने की तैयारी कर रही है। इस योजना के तहत जरूरतमंद महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी। सरकार का कहना है कि इससे करीब 17 लाख महिलाओं को फायदा मिल सकता है। पहले इस योजना का नाम महिला समृद्धि योजना रखा गया था, लेकिन अब इसे बदलकर दिल्ली लक्ष्मी योजना करने की तैयारी है। फिलहाल सरकार योजना को लॉन्च करने की तैयारी में जुटी है।
दिल्ली लक्ष्मी योजना के लिए महिलाओं को कहीं दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। सरकार आवेदन की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन रखने की तैयारी में है। इसके लिए एक खास पोर्टल बनाया गया है, जिसे जल्द शुरू किया जा सकता है। अधिकारियों के अनुसार, पोर्टल लगभग तैयार है और पात्रता से जुड़े अंतिम नियम अपडेट होते ही इसे लाइव कर दिया जाएगा। इसके बाद महिलाएं योजना के लिए आवेदन कर सकेंगी। योजना में आवेदन करने के लिए कुछ जरूरी दस्तावेज जमा करने होंगे। इसमें आधार कार्ड, आधार से लिंक बैंक खाते की जानकारी, दिल्ली में रहने का प्रमाण और एक सेल्फ डिक्लेरेशन देना होगा।
दिल्ली लक्ष्मी योजना के लिए तय की गई पात्रता के अनुसार 21 से 60 साल की दिल्ली निवासी महिलाएं इस योजना का लाभ ले सकती हैं। इसके लिए परिवार की सालाना आय 2.5 लाख रुपये से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। जानकारी के अनुसार, जिन महिलाओं के पास राशन कार्ड है, उन्हें प्राथमिकता मिलने की संभावना है क्योंकि उनकी आय और पात्रता का रिकॉर्ड पहले से उपलब्ध है। वहीं सरकारी कर्मचारी, इनकमम टैक्स देने वाले, केंद्र या राज्य सरकार के पेंशनभोगी और चार पहिया वाहन रखने वाली महिलाएं इस योजना के दायरे से बाहर रह सकती हैं।
अभी तक कि महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपये सीधे उनके बैंक खाते में भेजे जाएंगे या फिर इस रकम का कुछ हिस्सा उनके नाम पर एफडी (फिक्स्ड डिपॉजिट) के रूप में जमा किया जाएगा। इसके अलावा डिजिटल रुपये (CBDC) के जरिए पैसे भेजने का ऑप्शन भी देखा जा रहा है।
दिल्ली लक्ष्मी योजना भाजपा के बड़े चुनावी वादों में से एक रही है। चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि महिलाओं को इस योजना की पहली किस्त 8 मार्च 2025 को मिलेगी। हालांकि, पात्रता तय करने और बाकी तैयारियों में समय लगने की वजह से योजना शुरू नहीं हो पाई। आपको बता दें इससे पहले आम आदमी पार्टी ने भी महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपये देने का वादा किया था, लेकिन अपने दूसरे कार्यकाल में वह इस योजना को लागू नहीं कर सकी।
Updated on:
08 Jul 2026 10:18 am
Published on:
08 Jul 2026 10:17 am
