
नर्मदा परियोजना का दशकों पुराना विवाद सुलझा (फोटो-IANS)
Narmada Project: नर्मदा नदी परियोजना को लेकर चार राज्यों के बीच दशकों से चला आ रहा गतिरोध आखिरकार खत्म हो गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में नदी से लगे हुए चार राज्यों मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान और महाराष्ट्र के बीच लंबित मुद्दों पर सहमति बनी। इस सहमति के साथ ही जमीन के मुआवजे और परियोजना के डूब क्षेत्र में रहने वाले लोगों के विस्थापन से जुड़ा दशकों पुराना विवाद हमेशा के लिए सुलझ गया है। समझौते में शामिल चारों राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने बैठक में हिस्सा लिया।
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में दिल्ली में हुई अहम बैठक में नर्मदा नदी से जुड़े चार राज्यों मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान और महाराष्ट्र के बीच लंबे समय से लंबित नर्मदा परियोजना के विवादों पर महत्वपूर्ण समझौता हो गया। इस समझौते के साथ ही जलमग्न क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के पुनर्वास और भूमि मुआवजे से जुड़ा दशकों पुराना विवाद सुलझ गया है। बैठक में शामिल सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने अमित शाह के नेतृत्व और मार्गदर्शन में विवाद के सर्वसम्मत समाधान पर सहमति जताई।
केंद्र सरकार का कहना है कि राज्यों के बीच वर्षों से चले आ रहे जल विवादों को बातचीत के जरिए सुलझाने की दिशा में लगातार प्रगति हो रही है। हाल के समय में हिमाचल प्रदेश की किशाऊ बांध परियोजना और राजस्थान-हरियाणा के बीच जल बंटवारे जैसे पुराने मामलों में भी सहमति बनी है। सरकार का मानना है कि ऐसे समझौतों से विकास परियोजनाओं में तेजी आएगी और प्रभावित लोगों को लंबे समय से लंबित राहत मिल सकेगी।
इससे पहले 29 जून को राजस्थान और हरियाणा के बीच यमुना जल समझौता हुआ था। इस अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा तथा हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी उपस्थित रहे। इससे लगभग तीन दशक से लंबित यमुना जल परियोजना को गति मिलेगी। लगभग 34,000 करोड़ रुपए की लागत वाली ऐतिहासिक परियोजना राजस्थान के जल इतिहास में मील का पत्थर सिद्ध होगी।
इस मौके पर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 के विजन में जल सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। पीएम मोदी के नेतृत्व में देश में जल संरक्षण, जल प्रबंधन और राज्यों के बीच सहयोग की नई कार्य संस्कृति विकसित हुई है। वहीं, गृह मंत्री अमित शाह ने बातचीत के हर चरण पर व्यक्तिगत रुचि लेकर दोनों राज्यों के बीच सहमति बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके मार्गदर्शन और सतत प्रयासों के कारण तीन दशक से लंबित यह मुद्दा सुलझ गया है। इसके लिए उनका विशेष आभार व्यक्त करता हूं।
बता दें कि यमुना जल परियोजना के तहत राजस्थान के हिस्से का 577 एमसीएम यमुना जल हरियाणा स्थित हथिनीकुंड बैराज से लगभग 295.5 किमी लंबी भूमिगत पाइपलाइन से चूरू जिले के हंसियावास जलाशय तक पहुंचाया जाएगा। इस परियोजना पर 34,102 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है।
Updated on:
07 Jul 2026 08:40 pm
Published on:
07 Jul 2026 07:53 pm
