
Sonam Wangchuk News: दिल्ली के जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठे देश के मशहूर समाजसेवी सोनम वांगचुक की सेहत लगातार गिरती जा रही है। इस मामले को लेकर अब दिल्ली हाईकोर्ट ने बड़ा कदम उठाया है। अदालत सोनम वांगचुक की बिगड़ती तबीयत से जुड़ी एक जनहित याचिका (PIL) पर गुरुवार को सुनवाई करने जा रही है।
बुधवार को इस मामले पर कोर्ट में चर्चा होनी थी, लेकिन वकीलों की हड़ताल के चलते इसे एक दिन के लिए आगे बढ़ा दिया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने साफ किया है कि इस पर तुरंत सुनवाई जरूरी है।
दिल्ली हाईकोर्ट में बार एसोसिएशन द्वारा आहूत कार्य बहिष्कार के कारण बुधवार को सोनम वांगचुक से जुड़ी जनहित याचिका पर सुनवाई नहीं हो सकी। संबंधित प्राधिकारियों की ओर से अदालत में कोई भी उपस्थित नहीं हुआ। इसके बाद मुख्य न्यायाधीश डीके उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस करिया की पीठ ने मामले की सुनवाई स्थगित कर दी।
हालांकि, पीठ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कहा कि इसकी तात्कालिकता को ध्यान में रखते हुए इसे गुरुवार को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाए। अदालत ने अपने आदेश की प्रति संबंधित अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल और दिल्ली सरकार के वकील को उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया।
याचिकाकर्ता राकेश कुमार सैनी ने अदालत में कहा कि यह स्थिति बेहद दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है, क्योंकि एक नागरिक पूरे देश के सामने अपनी जान जोखिम में डालकर प्रदर्शन कर रहा है। जनहित याचिका में अदालत से संबंधित प्राधिकारियों को सोनम वांगचुक की मदद करने, उनसे इस मुद्दे पर बातचीत करने और जरूरत पड़ने पर उन्हें जबरन भोजन कराए जाने के निर्देश देने की मांग की गई है।
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने 20 जून को दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक विवाद को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए आंदोलन शुरू किया था। सोनम वांगचुक शुरुआत से ही इस आंदोलन के साथ जुड़े हुए हैं। हालांकि बाद में वांगचुक ने घोषणा की थी कि यदि 27 जून तक केंद्र सरकार की ओर से कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया तो वह अनशन पर बैठेंगे।
जब केंद्र सरकार की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली तो सोनम वांगचुक ने 28 जून से अनशन शुरू किया। उनकी बिगड़ती सेहत को देखते हुए विभिन्न पक्षों और जानी मानी हस्तियों ने उनसे अपनी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल खत्म करने की अपील की है।
लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता वांगचुक, कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दिपके के समर्थन में दिल्ली में अनशन कर रहे हैं। दिपके जंतर-मंतर पर धरना देकर मई में हुए कथित नीट पेपर लीक मामले को लेकर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं, जिससे लाखों छात्र प्रभावित हुए थे।