नई दिल्ली

2029 चुनाव से पहले ‘राजनीतिक खेल’ का आरोप, सुप्रिया सुले ने उठाए ऑपरेशन टाइगर पर सवाल

Maharashtra Political Crisis: NCP (SP) सांसद सुप्रिया सुले ने बड़ा बयान दिया है। दरअसल, उन्होंने कहा है कि 2029 चुनावों के लिए तोड़े जा रहे हैं परिवार और पार्टियां, खत्म होने की कगार पर लोकतंत्र। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से न्याय मिलने पर भी जताया संदेह।
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सुप्रिया सुले ने उठाए ऑपरेशन टाइगर पर सवाल,IANS photo

Supriya Sule NCP:महाराष्ट्र में सांसदों के पाला बदलने को लेकर जारी सियासी घमासान ('ऑपरेशन टाइगर') के बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की सांसद सुप्रिया सुले ने केंद्र सरकार और मौजूदा राजनीतिक हालात पर तीखा हमला बोला है। गुरुवार को मुंबई में मीडिया से बात करते हुए सुप्रिया सुले ने बड़ा दावा किया कि देश में लोकतंत्र खत्म होने की कगार पर है और चुनाव जीतने के लिए राजनीतिक दल ही नहीं, बल्कि परिवारों और घरों को भी तोड़ा जा रहा है।

एनसीपी (SP) सांसद सुप्रिया सुले ने महाराष्ट्र में शिवसेना (UBT) के 6 लोकसभा सांसदों के एकनाथ शिंदे गुट में शामिल होने पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि आगामी 2029 के लोकसभा चुनावों को ध्यान में रखकर अभी से राजनीतिक जोड़-तोड़ और पार्टियों को तोड़ने का खेल शुरू हो गया है।

परिवारों और घरों को राजनीतिक फायदे के लिए तोड़ा जा रहा

सुप्रिया सुले ने राजनीतिक शुचिता का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इस देश में लोकतंत्र अब खत्म होने की कगार पर पहुंच गया है। 2029 में चुनाव होने हैं, और उसके लिए अभी से परिवारों, घरों और पार्टियों को राजनीतिक रूप से तोड़ा जा रहा है। जब भी संसद में कोई महत्वपूर्ण विधेयक (बिल) आता है, तो सभी दल सर्वसम्मति से एक साथ मतदान करते हैं, जैसा कि जीएसटी (GST) बिल के समय हुआ था। अगर देशहित के मुद्दों पर सब साथ ही हैं, तो फिर इस तरह की राजनीतिक तिकड़मबाजी और पार्टियों को तोड़ने की क्या जरूरत है?'

'लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से न्याय मिलने की उम्मीद कम'

सुप्रिया सुले ने शिवसेना (UBT) सांसदों के दलबदल मामले पर लोकसभा अध्यक्ष (स्पीकर) ओम बिरला की भूमिका पर भी बड़ा संदेह जताया। उन्होंने अपने खुद के अनुभव का हवाला देते हुए कहा कि मैंने व्यक्तिगत रूप से यह सब झेला है (NCP में हुई टूट के संदर्भ में)। चुनाव आयोग से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक, हमें न्याय के नाम पर सिर्फ तारीखें और स्थगन (Adjournments) ही मिले हैं। यही वजह है कि मुझे बहुत संदेह है कि लोकसभा स्पीकर ओम बिरला इस मामले में शिवसेना (यूबीटी) को कोई न्याय देंगे।'

'बम और मर्डर' की धमकियों पर जताई चिंता

सुप्रिया सुले ने शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत द्वारा मुंबई पुलिस कमिश्नर को लिखे पत्र का भी जिक्र किया, जिसमें बागी सांसद संजय दीना पाटिल पर प्रदर्शनकारियों को 'बम मारने और 5 मर्डर करने' की धमकी देने का आरोप लगा है। सुले ने कहा कि किसी भी जनप्रतिनिधि को इस तरह का व्यवहार नहीं करना चाहिए। राजनीति में वैचारिक मतभेद या अलग राय होना स्वाभाविक है, लेकिन किसी को जान से मारने की धमकी देना या ऐसी भाषा का इस्तेमाल करना महाराष्ट्र की समृद्ध राजनीतिक संस्कृति को बिल्कुल शोभा नहीं देता।'

Updated on:
25 Jun 2026 01:07 pm
Published on:
25 Jun 2026 01:00 pm