25 जून 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

दिल्ली मर्डर केस: कितना शातिर निकला मासूम की हत्या करने वाला ‘कातिल’; न कोई खौफ, न कोई पछतावा

Basu Singh criminal record : दिल्ली में मासूम बच्ची से दरिंदगी और हत्या के बाद बेखौफ होकर कैब चलाने वाले आरोपी ड्राइवर बासु सिंह को पुलिस ने सीसीटीवी की मदद से दबोचा। आरोपी बासु सिंह के खिलाफ बिहार में भी कई मामले दर्ज हैं। पढ़ें पूरी रिपोर्ट...।
3 min read
Google source verification
Delhi minor girl crime news

Delhi minor girl crime news : आरोपी कैब ड्राइवर बासु सिंह ने बच्ची से रेप करने के बाद गला दबाकर की हत्या, फिर काम पर लौटा, PC- Patrika

Delhi minor girl crime news : सुबह तड़के 4 बजे एक 10 साल की बच्ची से बलात्कार और फिर उसकी हत्या करने के बाद हत्यारा आराम से कपड़े बदलता है, अपनी गाड़ी की धुलाई करता है और चंद घंटों बाद फिर से नॉर्मल रुटीन में लौट जाता है। वो नई राइड लेता है और सवारी को उसकी डेस्टिनेशन तक छोड़ता है। कैब ड्राइवर बासु सिंह के क्रिमिनल माइंड ने पुलिस को भी हैरान कर दिया है।

न कोई खौफ, न पछतावा

पुलिस सूत्रों के मुताबिक बासु ने बच्ची को अगवा किया, उसके साथ दरिंदगी की और फिर उसे बेरहमी से मार डाला। लेकिन इसके बाद जो उसने किया, वो उतना ही चौंकाने वाला है। इस खौफनाक कृत्य को अंजाम देने के बाद वह एकदम नॉर्मल हो गया। सड़क किनारे खड़े होकर कपड़े बदले, गुरुग्राम में अपने मालिक के घर के पास अपनी कैब को अच्छी तरह धोया ताकि कोई सुबूत न बचे और फिर चाणक्यपुरी से अपने रूट पर अगली सवारी बैठाकर नांगलोई छोड़ने चला गया। इससे साफ पता चलता है कि इतना बड़ा कांड करने के बाद भी उसके मन में न कोई खौफ था और न ही पछतावा। एक मासूम से बलात्कार और हत्या के बाद वो बड़े आराम से अपने नॉर्मल रूटीन में लौट जाता है, जैसे कुछ हुआ ही न हो। 

गाड़ी साफ करते कैमरे में कैद

पुलिस ने बताया कि CCTV कैमरों ने उसे गाड़ी साफ करते हुए कैद किया गया था। वहां एक सिक्योरिटी गार्ड ने भी उसे देखा था। पुलिस ने उसके वो कपड़े भी जब्त कर लिए हैं, जो उसने घटना के समय पहने हुए थे और जो फुटेज में भी दिख भी रहे थे। पुलिस कैब एग्रिगेटर्स से संपर्क कर उसको ट्रैक करती रही और जब वो नांगलोई से विकासपुरी की तरफ जा रहा था, तब उसे पकड़ लिया। पुलिसिया जांच में बासु ने बताया कि जिस 12 किलोमीटर के रास्ते पर उसने बच्ची को उठाया और बाद में शव फेंका, वो इलाका उसे अच्छी तरह मालूम था क्योंकि वो अक्सर उधर से गुजरता था। पुलिस ने बुधवार को ही उसकी पोटेंसी जांच भी कराई थी।

पहले गार्ड था, फिर बना ड्राइवर

बासु सिंह पहले एक हाउसिंग सोसाइटी में सिक्योरिटी गार्ड था। वहीं उसकी जान-पहचान अंकित नामक शख्स से हुई, जो अपना बिजनेस खड़ा कर रहा था। अंकित ने बताया कि उसने एक सेकेंडहैंड गाड़ी खरीदी थी और इस साल फरवरी में वो गाड़ी बासु को चलाने के लिए दे दी क्योंकि वो पहले से एक कैब एग्रीगेटर पर रजिस्टर्ड और वेरिफाइड था। अंकित ने कहा कि उसकी बासु से ज्यादा बातचीत नहीं होती थी, बस पेमेंट पर ही बात होती थी, हां कई बार वो अपने किसी जमीनी विवाद की चर्चा जरूर करता रहता था। सोमवार को पुलिस ने अंकित से पूछताछ कर उसको बासु के इस कांड के बारे में बताया तो अंकित के भी होश उड़ गए।  

बिहार में दर्ज हैं कई मामले

बासु सिंह आपराधिक प्रवृत्ति का है और उसके खिलाफ पहले से ही कई मामले दर्ज हैं। बिहार के खगड़िया जिले में उसके खिलाफ कम से कम पांच केस दर्ज हैं जिनमें छेड़छाड़, दंगा और हत्या की कोशिश जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। ये मामले 2015, 2017, 2018 और 2022 के हैं। बासु का कहना है कि ये सब परिवार के जमीनी झगड़े के दौरान दर्ज हुए थे। उसके एक रिश्तेदार ने बताया कि एक मामला किसी त्योहार के दौरान हुए विरोध-प्रदर्शन से जुड़ा था। दिल्ली पुलिस ने अभी बिहार पुलिस से आधिकारिक रिकॉर्ड नहीं मांगा है, लेकिन जांच जारी है।

गुरुग्राम का जो पता आरोपी के रजिस्ट्रेशन में दर्ज था, वहां उसका भाई रहता है। बासु सिंह को खोजते हुए जब पुलिस वहाँ पहुंची थी, तो बासु के भाई ने बताया था कि वो यहां नहीं है। इसके बाद पुलिस ने आसपास के CCTV की फुटेज से इसकी पुष्टि भी की, लेकिन बाद में यहीं से पुलिस को आरोपी के बारे में अहम जानकारी मिली।

वहीं, पीड़िता के पिता की बस एक ही मांग है, बासु सिंह को फांसी की सजा मिलनी चाहिए। अपनी बेटी को खोने के बाद से ही पूरे परिवार का बुरा हाल है। वो समझ ही नहीं पा रहे हैं कि उनके साथ सो रही उनकी मासूम बेटी कैसे चंद घंटों में इस दुनिया से विदा हो गई।

आरोपी ने पुलिस भर्ती का दिया था एग्जाम

बच्ची के साथ बर्बरता करने वाला बासु सिंह पुलिस फोर्स जॉइन करना चाहता था और 10 जून को बिहार में इससे जुड़ी परीक्षा भी देकर आया था। दिल्ली पुलिस अब दिल्ली सरकार को बेघर लोगों की सुरक्षा के संबंध में एक पत्र भी लिखने वाली है। साथ ही उसने कैब एग्रिगेटर्स से भी कहा है कि ड्राइवरों के बैकग्राउंड स्क्रीनिंग पर कड़ाई से काम होना चाहिए। अगर बासु सिंह के इतिहास की जांच की जाती, तो उसके आपराधिक रिकॉर्ड के बारे में पता चलता और शायद उसे कैब चलाने का लाइसेन्स नहीं मिलता। इस मामले में कैब एग्रिगेटर्स का रवैया भी लापरवाह रहा है।