
Bihar Crime News: बिहार के मधुबनी में पुलिसकर्मी की फायरिंग से एक ग्रामीण की मौत के मामले ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता तेजस्वी यादव ने इस घटना को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर निशाना साधा है। उन्होंने सवाल किया कि जब पुलिस का एक अधिकारी ही गंभीर आरोपों में घिरा है और घटना के बाद से फरार है, तो सरकार उसे पकड़ने के लिए क्या कर रही है? तेजस्वी ने यह भी पूछा कि आरोपी को गिरफ्तार किया जाएगा या उसका एनकाउंटर होगा?
मंगलवार को दिल्ली में मीडिया से बातचीत के दौरान तेजस्वी ने मधुबनी की घटना को बेहद दुखद बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि एक पुलिस अधिकारी ने दो लड़कियों के साथ दुष्कर्म की कोशिश की। जब परिवार के लोग उन्हें बचाने पहुंचे तो अधिकारी ने उन पर गोलियां चला दीं। तेजस्वी के इस आरोप की पुलिस जांच में अभी पुष्टि नहीं हुई है।
तेजस्वी ने कहा कि बिहार में अपराध की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। उन्होंने मधुबनी और दरभंगा का जिक्र करते हुए सरकार की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि जब पुलिस के ही एक अधिकारी पर इतने गंभीर आरोप हैं, तो फिर आम लोगों की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा?
RJD नेता ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के बयानों पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अपराधियों के एनकाउंटर की बात करते हैं, लेकिन अब एक पुलिस अधिकारी ही हत्या के मामले में आरोपी है और फरार है। ऐसे में सरकार बताए कि उसके खिलाफ क्या कार्रवाई होगी। तेजस्वी ने तंज कसते हुए पूछा कि आरोपी खुद फरार है या उसे जानबूझकर फरार होने दिया गया है?
मधुबनी जिले के बाबूबरही थाना क्षेत्र के बलिराजगढ़ गांव में सोमवार देर रात करीब एक बजे यह घटना हुई। पुलिस के मुताबिक, वहां तैनात एएसआई चंद्र मोहन सिंह एक घर में पहुंचा था। उसकी मौजूदगी पर एक महिला ने शोर मचाया, जिसके बाद आसपास के ग्रामीण मौके पर जुट गए। ग्रामीणों ने उसे घेर लिया तो उसने कथित तौर पर अपनी सर्विस पिस्टल से कई राउंड गोलियां चला दीं।
इस फायरिंग में 50 वर्षीय अशोक यादव की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य ग्रामीण घायल हो गए। घटना के बाद एएसआई मौके से भाग निकला। पुलिस ने उसके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है और उसे निलंबित कर दिया गया है।
मामले में मंगलवार को पुलिस ने आरोपी एएसआई की गिरफ्तारी के लिए 25 हजार रुपए का इनाम घोषित किया। उसकी तलाश के लिए विशेष टीम बनाई गई है। पुलिस मुख्यालय ने उसे सेवा से बर्खास्त करने की कार्रवाई की भी बात कही है। फिलहाल आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। ऐसे में इस मामले में तेजस्वी के सवालों के बीच सरकार और पुलिस पर उसे जल्द पकड़ने का दबाव बढ़ गया है।