सुप्रीम कोर्ट: यूपी सरकार को फटकार, 25 लाख का मुआवजा दिलाया
नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को दिए एक फैसले में उत्तर प्रदेश सरकार की अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को अवैध और अत्याचारपूर्ण करार देते हुए फटकार लगाई और सड़क चौड़ाईकरण परियोजनाओं के लिए जगह खाली कराने के बारे में दिशा निर्देश जारी किए। चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की बेंच ने मनोज टिबरेवाल आकाश की एक पत्र याचिका पर यह फैसला सुनाया जिसकी शिकायत थी कि सड़क चौड़ी करने के लिए उन्हें बिना नोटिस दिए अतिक्रमित स्थान से आगे जाकर उनका मकान तोड़ दिया गया। बेंच ने सरकार को याचिकाकर्ता को 25 लाख रुपए मुआवजा देने और संबंधित अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई के भी निर्देश दिए। कोर्ट ने सड़क चौड़ाईकरण के लिए अतिक्रमण खाली कराने के बारे में दिशा निर्देश जारी करते हुए आदेश की प्रति सभी राज्य सरकारों को भेजने के भी निर्देश दिए।ये दिए दिशा निर्देश- रिकॉड/नक्शे के आधार पर सड़क की मौजूदा चौड़ाई का पता लगाएं।
यह करना होगा
1. नक्शे के हिसाब से सड़क पर किसी अतिक्रमण का पता लगाने के लिए सर्वेक्षण/सीमांकन करें।
2. यदि अतिक्रमण है तो अतिक्रमी को नोटिस दें।
3. नोटिस के जवाब में आपत्ति आती है तो उस पर सुनवाई कर निर्णय करें।
4. आपत्ति खारिज होने पर अतिक्रमण हटाने का नोटिस दें।
5. अतिक्रमण खुद नहीं हटाने पर जरूरी कदम उठाएं यदि अदालत ने नहीं रोका हो।
6. यदि चौड़ाईकरण के लिए पर्याप्त सड़क नहीं है तो काम शुरू करने से पहले जमीन लेने के लिए भूमि अधिग्रहण की कार्यवाही करें।