
Scrap Mafia Ravi Kana: दिल्ली से सटे नोएडा और ग्रेटर नोएडा के अलग-अलग थानों में स्क्रैप माफिया रवि काना के खिलाफ तकरीबन 25 मुकदमे दर्ज हैं। इनमें फिरौती, मारपीट, दुष्कर्म, धमकी देने और हत्या के प्रयास जैसे गंभीर आरोप हैं। बांदा जेल से निकलकर गायब होने के बाद पुलिस ने रवि काना की पत्नी मधु को तो गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन उसका दो साल बाद भी कोई सुराग नहीं लगा है। पुलिस को आशंका है कि गंभीर मामलों में संलिप्त रवि काना विदेश भागने की तैयारी में है। इसलिए उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने की तैयारी है।
दरअसल, स्क्रैप माफिया रवि काना उत्तर प्रदेश की बांदा जेल में बंद था। साल 2024 में वह जेल से जमानत पर रिहा हुआ और गायब हो गया। इससे पहले उसे थाईलैंड से गिरफ्तार किया गया था। उस समय भी पुलिस ने उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया था। अब नोएडा पुलिस को सूत्रों से जानकारी मिली है कि रवि काना फिर विदेश भागने की फिराक में है। इसके चलते उसके खिलाफ फिर से रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने की तैयारियां तेज हो गई हैं। इसके लिए नोएडा पुलिस आवश्यक दस्तावेजों समेत रवि काना की समस्त जानकारी इंटरपोल के साथ साझा कर रही है।
नोएडा पुलिस का स्पष्ट कहना है कि संगठित अपराध और माफिया गतिविधियों में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस माफिया नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी गहन जांच कर रही है और साक्ष्य मिलने पर उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। रवि काना के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी होने के बाद उसकी तलाश अब केवल भारत तक सीमित नहीं रहेगी। इंटरपोल के माध्यम से दुनिया के अन्य देशों की पुलिस एजेंसियां भी उसकी गिरफ्तारी में सहयोग करेंगी। यदि वह किसी विदेशी देश में पाया जाता है तो उसे हिरासत में लेकर भारत प्रत्यर्पित करने की प्रक्रिया शुरू की जा सकेगी।
इस पूरे मामले में यह भी चर्चा है कि कुछ अधिकारियों और प्रभावशाली सफेदपोशों ने जेल प्रशासन पर दबाव बनाकर आरोपी को जल्द रिहा कराने की कोशिश की। बताया जा रहा है कि बांदा जेल प्रशासन से गैंगस्टर को शीघ्र छोड़ने के लिए कहा गया था। नोएडा पुलिस इस पूरे घटनाक्रम की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजने की तैयारी कर रही है। स्क्रैप कारोबार के दौरान रवि काना और उसके गिरोह को स्थानीय सफेदपोशों और कुछ पुलिस अधिकारियों से मदद मिलने के आरोप पहले भी लग चुके हैं। रवि काना का स्क्रैप कारोबार केवल नोएडा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं था, बल्कि वह हरियाणा और राजस्थान तक जबरन स्क्रैप के ठेके हासिल करता था।
स्क्रैप माफिया रवि काना के खिलाफ नोएडा, ग्रेटर नोएडा और सेंट्रल नोएडा जोन के विभिन्न थानों में करीब 25 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। उस पर फिरौती, मारपीट, हत्या के प्रयास, दुष्कर्म और धमकी देने जैसी गंभीर धाराओं में केस दर्ज हैं। हालांकि रवि काना बांदा जेल से रिहा होने के बाद फरार है, लेकिन उसके गिरोह के कई सदस्य अब भी जेल में बंद हैं। उसकी पत्नी मधु को 16 फरवरी 2024 को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस का दावा है कि स्क्रैप माफिया की रिहाई पूरी तरह सुनियोजित थी। जेल के बाहर पहले से दो सफेद रंग की कारें मौजूद थीं। एक कार में एक महिला, जबकि दूसरी में तीन युवक सवार थे। दोनों वाहनों में रवि काना के परिजन और करीबी मौजूद थे। जेल से बाहर आते ही उसने अपना सामान कार में रखा और बिना देरी किए फरार हो गया। घटना के बाद से अधिकांश संदिग्धों के मोबाइल फोन बंद हैं। पुलिस जेल परिसर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है।
माफिया की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की छह टीमें पश्चिमी उत्तर प्रदेश और नेपाल बॉर्डर के आसपास तैनात हैं। आरोपी की रिहाई के बाद से जिले की एसओजी बांदा में ही डेरा डाले हुए है। उसके करीबियों की गतिविधियों पर तकनीकी सर्विलांस और मोबाइल लोकेशन के माध्यम से कड़ी निगरानी रखी जा रही है। गौरतलब है कि रेड कॉर्नर नोटिस एक अंतरराष्ट्रीय नोटिस होता है, जिसे आरोपी के विदेश भागने की आशंका होने पर जारी किया जाता है। इसके तहत आरोपी की जानकारी इंटरपोल से जुड़े सभी देशों को भेजी जाती है, ताकि उसे ट्रेस कर उसके देश में प्रत्यर्पित कराया जा सके। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी रवि काना को थाईलैंड से गिरफ्तार किया जा चुका है। उस समय भी उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी था और वह अपनी प्रेमिका के साथ विदेश गया हुआ था।
Updated on:
2 Feb 2026, 1:48 PM IST
Published on:
2 Feb 2026, 1:48 PM IST
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