नई दिल्ली

UPI पर मर्चेंट फीस से दुकानदार नाराज, दिल्ली में दुकानों से हटाए गए UPI पेमेंट के बोर्ड; बोले- कैश में करेंगे कारोबार

UPI Merchant Fee: UPI पर मर्चेंट फीस को लेकर कुछ दुकानदारों में नाराजगी सामने आई है। विरोध में कुछ व्यापारियों ने दुकानों से UPI पेमेंट के बोर्ड हटाए हैं। नए नियमों में 2,000 रुपये से अधिक के पात्र मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर MDR लागू होगा, जबकि ग्राहकों के लिए UPI भुगतान मुफ्त रहेगा।
2 min read
Merchant Discount Rate
दिल्ली में दुकानों से हटाए गए UPI पेमेंट के बोर्ड, फोटो सोर्स- एक्स ( @SurajSolanki )

Merchant Discount Rate: यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) के जरिए भुगतान को लेकर देशभर में नए शुल्क की चर्चा के बीच कुछ व्यापारियों और दुकानदारों में नाराजगी देखने को मिल रही है। मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर शुल्क लगाए जाने के फैसले के विरोध में कुछ दुकानदारों ने अपनी दुकानों से UPI पेमेंट को बढ़ावा देने वाले बोर्ड और साइन हटाने शुरू कर दिए हैं। कारोबारियों का कहना है कि पहले UPI के जरिए भुगतान लेना मुफ्त था, लेकिन अब बड़े लेनदेन पर शुल्क लगने से उनके मुनाफे पर असर पड़ सकता है।

2,000 रुपये से ज्यादा के UPI भुगतान पर लगेगा MDR

नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के नए फ्रेमवर्क के मुताबिक, 15 अक्टूबर 2026 से 2,000 रुपये से ज्यादा के पात्र Person-to-Merchant (P2M) UPI ट्रांजैक्शन पर 0.4 फीसदी तक Merchant Discount Rate (MDR) लागू होगा। 75,000 रुपये या उससे अधिक के लेनदेन पर MDR की अधिकतम सीमा 300 रुपये प्रति ट्रांजैक्शन रखी गई है।

हालांकि, यह शुल्क ग्राहक से नहीं लिया जाएगा। नियमों के मुताबिक MDR का भुगतान मर्चेंट करेगा और इसे ग्राहक पर डालने की अनुमति नहीं है। यानी कोई ग्राहक किसी दुकान पर 5,000 रुपये का UPI भुगतान करता है तो उसे UPI इस्तेमाल करने के लिए अलग से शुल्क नहीं देना होगा।

छोटे दुकानदारों और 2,000 रुपये तक के भुगतान पर राहत

सरकार ने स्पष्ट किया है कि 2,000 रुपये तक के मर्चेंट UPI भुगतान पर MDR नहीं लगेगा। इसके अलावा QR कोड के जरिए हर महीने 1 लाख रुपये तक UPI भुगतान प्राप्त करने वाले छोटे कारोबारियों को भी जीरो-MDR व्यवस्था के तहत राहत दी गई है। सरकार के मुताबिक करीब 96 फीसदी P2M UPI ट्रांजैक्शन इस नए शुल्क से प्रभावित नहीं होंगे। व्यक्ति से व्यक्ति यानी P2P UPI ट्रांजैक्शन पूरी तरह मुफ्त रहेगा, चाहे भेजी जाने वाली रकम कितनी भी हो। इसका मतलब यह है कि दोस्तों या परिवार के सदस्यों को UPI से पैसे भेजने पर कोई MDR नहीं लगेगा।

व्यापारियों को कारोबार की लागत बढ़ने की चिंता

मर्चेंट फीस की घोषणा के बाद कुछ व्यापारियों का कहना है कि कम मार्जिन वाले कारोबार में हर लेनदेन पर लगने वाला शुल्क अतिरिक्त लागत बढ़ा सकता है। पुणे में व्यापारियों के बीच इस मुद्दे को लेकर नाराजगी की खबरें सामने आई हैं। कुछ कारोबारियों ने डिजिटल भुगतान के बजाय नकद या उधारी में कारोबार करने की बात कही है। इसी नाराजगी के बीच कुछ दुकानदारों द्वारा UPI पेमेंट को बढ़ावा देने वाले बोर्ड हटाने की बात भी सामने आई है। कारोबारियों का तर्क है कि जब डिजिटल भुगतान स्वीकार करने पर उनकी लागत बढ़ेगी तो वे ग्राहकों को कैश पेमेंट की ओर जाने के लिए कह सकते हैं।

पेट्रोल पंप डीलर्स ने भी दी UPI बंद करने की चेतावनी

पेट्रोल पंप डीलर्स ने भी 2,000 रुपये या उससे अधिक के UPI भुगतान स्वीकार करना बंद करने की चेतावनी दी है। दिल्ली-NCR, पंजाब, उत्तर प्रदेश, मुंबई, कर्नाटक और राजस्थान के डीलर्स का कहना है कि अगर हर ऐसे लेनदेन पर 5 रुपये का फ्लैट मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) देना पड़ा, तो वे UPI के बजाय कैश भुगतान को प्राथमिकता देंगे। डीलर्स के मुताबिक, पेट्रोल पंप कारोबार में उनका मार्जिन पहले ही बेहद कम है और यह करीब 2.40 से 3.40 रुपये प्रति लीटर के आसपास है। उनका कहना है कि UPI पर MDR किसी भी रूप में उनकी लागत और बढ़ाएगा, जिससे पहले से कम मार्जिन वाले कारोबार पर अतिरिक्त दबाव पड़ेगा। HT से बातचीत में कई डीलर्स ने अपनी पहचान सार्वजनिक नहीं करने का अनुरोध किया।

Updated on:
16 Sept 2026 07:10 pm
Published on:
16 Sept 2026 07:10 pm