नई दिल्ली। गुवाहाटी स्थित असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्यालय राजीव भवन में विधानसभा चुनावों को लेकर राइजोर इस्तेहार (जनता का घोषणा पत्र) जारी किया गया। इसमें जुबीन दा को असम की पहचान और भावना से जुड़ा बताते हुए 100 दिनों के भीतर उन्हें न्याय दिलाने की दिशा में ठोस कदम उठाने का संकल्प भी […]
नई दिल्ली। गुवाहाटी स्थित असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्यालय राजीव भवन में विधानसभा चुनावों को लेकर राइजोर इस्तेहार (जनता का घोषणा पत्र) जारी किया गया। इसमें जुबीन दा को असम की पहचान और भावना से जुड़ा बताते हुए 100 दिनों के भीतर उन्हें न्याय दिलाने की दिशा में ठोस कदम उठाने का संकल्प भी शामिल है।
इस अवसर पर झारखंड सरकार की ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि यह घोषणा पत्र केवल एक चुनावी दस्तावेज़ नहीं, बल्कि असम की जनता की आकांक्षाओं, संघर्षों और सपनों का सशक्त प्रतिबिंब है। इसमें गांवों, चाय बागानों, युवाओं, महिलाओं और मेहनतकश वर्ग की वास्तविक जरूरतों को प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का यह संकल्प पारदर्शी और जवाबदेह शासन, भ्रष्टाचार पर सख्त कार्रवाई और समावेशी विकास पर आधारित है। घोषणा पत्र में हर परिवार को 25 लाख तक की स्वास्थ्य सुरक्षा, महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण, युवाओं के लिए समयबद्ध रोजगार, और स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा देकर रोजगार सृजन जैसे महत्वपूर्ण प्रावधान शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि नतुन बोर असोम के विजऩ के तहत भूमि और पहचान की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए एक मजबूत, न्यायपूर्ण और समावेशी असम के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही ग्रामीण और शहरी विकास में संतुलन, सुदृढ़ कानून-व्यवस्था, पर्यावरणीय संतुलन और समाज के प्रत्येक वर्ग के समग्र कल्याण को प्राथमिकता दी गई है।