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52 किमी सडक़ में प्रभावित होगी 19.28 हेक्टेयर वन भूमि, 2 बड़े पुल के साथ बनेंगे 21 माइनर ब्रिज

शहडोल से टेटका मोड़ तक 164 करोड़ से बनेगी 52 किमी टू-लेन सडक़

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Mar 31, 2025

शहडोल. शहडोल से टेटका मोड़ के बीच बनने वाली 52 किलोमीटर सडक़ में लगभग 13.77 किमी क्षेत्र वन भूमि का हैं, इससे लगभग 19.28 हेक्टेयर वन भूमि प्रभावित होगी। इसके लिए वन विभाग को अलग से भूमि प्रदान की जाएगी। सडक निर्माण के लिए सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कर ली गई है। निविदा मंजूर होने के बाद अब एग्रीमेंट का इंतजार है, यह प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही सडक निर्माण कार्य प्रारंभ हो जाएगा। सबसे पहले सामान्य क्षेत्रों में निर्माण कार्य कराया जाएगा, इस बीच वन भूमि की स्वीकृति के लिए आवश्यक कार्रवाई पूरी की जाएगी। उल्लेखनीय है टेटका मोड़ से रीवा के बीच सडक़ निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। द्वितीय चरण में टेटका मोड़ से शहडोल के बीच 220 करोड़ से सडक़ निर्माण की स्वीकृति मिली थी।

164 करोड़ में ठेका, दो वर्ष का समय

एमपीआरडीसी ने 52 किलोमीटर सडक़ निर्माण के लिए लगभग 220 करोड़ का प्रस्ताव भेजा था, जिसे शासन स्तर से मंजूरी मिली थी। टेण्डर प्रक्रिया के बाद लगभग 56 करोड़ विलो में ठेकेदार को 164 करोड़ में निर्माण की स्वीकृति मिली है। सडक़ निर्माण कार्य पूरा करने के लिए ठेकेदार को 2 वर्ष की समय सीमा निर्धारित की गई है।

शहडोल से बाइपास तक बनेगी फोरलेन सडक़

जानकारी के अनुसार जिला मुख्यालय स्थित बाणगंगा तिराहा से राजाबाग बाइपास तक फोर लेन सडक़ का निर्माण किया जाना है। इस बीच डिवाइडर, लाइटिंग सहित अन्य व्यवस्थाएं की जाएंगी। बाइपास से टेटका मोड़ के बीच टू लेन सडक़ बनेगी। पहले बाइपास से दियापीपर के बीच सडक़ निर्माण कार्य कराया जाएगा।

18 करोड़ की लागत से होगा पुल का निर्माण

शहडोल से टेटका मोड़ के बीच दो बड़े पुलों का निर्माण कराया जाना है। इसमें दिया पीपर के पास स्थित सोन नदी पुल व जयसिंहनगर के समीप स्थित एक पुल को शामिल किया गया है। दोनों पुलों का निर्माण लगभग 18 करोड़ से किया जाएगा। इसके अलावा कुल 67 पाइप वाली व 21 माइनर ब्रिज का निर्माण कराया जाएगा। इसके अलावा सेमरा व कौआसरई के पास टेढ़े मेढ़े मोड़ों को सीधा किया जाएगा। इससे लगभग 1 किलोमीटर सडक़ की लंबाई कम होगी।

इनका कहना है
शहडोल से टेटका के बीच 52 किमी सडक निर्माण की टेण्डर प्रक्रिया पूरी हो गई है। इस बीचदेा बड़े पुल के साथ छोटी पुल पुलियों का निर्माण होना है। वन भूमि के लिए आवश्यक प्रक्रिया की जा रही है।
पंकज कुमार बैरागी, सहायक महाप्रबंधक एमपीआरडीसी

Published on:
31 Mar 2025 12:11 pm
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