
MP News: मध्यप्रदेश के अशोकनगर जिले से ब्लैकमेलिंग का एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है जिसने पुलिस महकमे को भी हैरान कर दिया। चंदेरी थाने की विक्रमपुर चौकी में तैनात एक प्रधान आरक्षक को एक महिला ने अपने जाल में इस कदर फंसाया कि मान-सम्मान बचाने के बदले उनसे लाखों रुपए और जेवर तक ऐंठ लिए। मामले का खुलासा तब हुआ जब प्रताड़ना से तंग आकर प्रधान आरक्षक की पत्नी ने पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई।
जब मामले की जांच शुरु की गई तो प्रधान आरक्षक अनिल सेंगर देहात थाने में पदस्थ थे। उस दौरान महिला की भाभी की गुमशुदगी की एक रिपोर्ट दर्ज हुई थी, जिसकी जांच अनिल सेंगर कर रहे थे। शिकायत के मुताबिक इसी जांच के दौरान महिला ने प्रधान आरक्षक को निशाना बनाना शुरू किया। धीरे-धीरे उसने झूठे आरोपों का जाल बुना और ब्लैकमेलिंग का खेल शुरू कर दिया। गुना निवासी प्रधान आरक्षक की पत्नी प्रतिभा सेंगर ने बताया कि महिला उनके पति पर बलात्कार और उनके बेटे पर अप्राकृतिक कृत्य जैसे घिनौने और झूठे आरोप लगा रही है।
बदनामी के डर से परिवार ने अब तक उसे लाखों रुपए दिए हैं। हाल ही में महिला ने ने 10 लाख रुपए की की मांग की थी, जिसमें से 25 दिसंबर को उसे 5.50 लाख रुपए दिए गए। रुपए लेने के बाद महिला ने पूरे परिवार को अपने गांव बुलाया और वहां प्रधान आरक्षक व उनके परिजनों से माफी मंगवाई। इससे पहले भी महिला सीएम हेल्पलाइन पर झूठी शिकायत कर 60 हजार रुपए वसूल चुकी है और देहात थाने में हंगामे के दौरान प्रधान आरक्षक की सोने की चैन भी ले चुकी है।
ब्लैकमेलिंग की हद तब पार हो गई जब 20 दिसंबर को महिला प्रधान आरक्षक के सरकारी आवास में घुस गई। वीडियो कॉलिंग के दौरान जब पत्नी ने देखा कि महिला पति के साथ मारपीट कर रही है और उनके चेहरे को नाखूनों से खरोंच दिया है. तब वह तुरंत विक्रमपुर चौकी पहुंचीं। इसके बावजूद महिला की पैसों की भूख शांत नहीं हुई और उसने दोबारा फोन कर रुपयों की मांग शुरू कर दी।
बार-बार की प्रताड़ना से तंग आकर प्रतिभा सेंगर ने चंदेरी थाने में गुहार लगाई। पुलिस ने आरोपी महिला के खिलाफ धारा 308(1) और 131 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। बताया जा रहा कि आरोपी महिला पिछले एक साल में 8 से 10 झूठी शिकायतें कर चुकी है। फिलहाल पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है।
Published on:
11 Jan 2026 06:23 pm
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