पर्यटकों के सामने मार्ग पर आकर बैठा बाघ, कैमरों में कैद हुआ अद्भुत पल
देवास. जंगल की खामोशी, सुबह की हल्की धूप और सफारी पर निकले पर्यटकों की उत्सुक नजरें तभी घास के झुरमुट से शान से निकलता ‘युवराज’। रविवार सुबह खिवनी अभयारण्य में ऐसा ही रोमांचक दृश्य देखने को मिला, जब बाघ ‘युवराज’ पर्यटकों के सामने मार्ग पर आकर बैठ गया। करीब 20 मिनट तक जंगल का यह राजा रास्ते पर विराजमान रहा। पर्यटक अपने वाहनों को सुरक्षित दूरी पर रोककर इस दुर्लभ नजारे को निहारते रहे।
सुबह लगभग 7 बजे भोपाल से आए पर्यटक जंगल भ्रमण पर थे। तभी घास वाले क्षेत्र से अचानक बाघ युवराज निकला और पर्यटक मार्ग पर आकर बैठ गया। कुछ देर वह शान से बैठा रहा, फिर आराम से सडक़ पर लेट गया—मानो जंगल सफारी का संचालन वही कर रहा हो। वाहनों के इंजन बंद हो गए, कैमरे ऑन हो गए और सांसें थम सी गईं।
रेंजर भीमसिंह के अनुसार, बाघ युवराज कुछ देर तक पर्यटकों की ओर देखता रहा। उसके आत्मविश्वास भरे अंदाज ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। लगभग 20 मिनट बाद वह उठकर धीमे कदमों से वापस घनी घास में ओझल हो गया। पर्यटकों ने इसे जीवन का यादगार और रोमांचकारी अनुभव बताया।
खिवनी अभयारण्य में इन दिनों वन्यजीवों की सक्रियता बढ़ी हुई है। बाघ युवराज की इस झलक ने पर्यटकों के उत्साह को दोगुना कर दिया है। वन विभाग का कहना है कि पर्यटक सुरक्षा नियमों का पालन करें और वन्यजीवों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें। जंगल के इस अप्रत्याशित ‘दरबार’ ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वन्यजीवन का असली रोमांच वहीं मिलता है, जहां प्रकृति अपनी शर्तों पर सामने आती है।