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फर्जी खाता खुलवा अपराधियों को देने वाले 95 एटीएम, 51 मोबाइल व सिम कार्ड सहित काबू

हवाला, रंगदारी, डिजिटल अरेस्ट व गेमिंग के पैसों का फर्जी खातों से करते लेन-देन, पुलिस ने दो युवकों को किया गिरफ्तार, जब्त सामान व नकदी को लेकर की जा रही पड़ताल

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95 ATMs, 51 mobile and SIM cards seized along with those who opened fake accounts and gave them to criminals

हनुमानगढ़. फर्जी खाते खुलवा कर अपराधियों को देने वाले शातिर गिरोह के दो सदस्य सोमवार को जंक्शन पुलिस के हत्थे चढ़ गए। उनके कब्जे से पुलिस ने 27 मोबाइल फोन, 95 एटीएम कार्ड, 29 बैंक पासबुक, 24 सिम कार्ड, 2 लाख 70 हजार रुपए की नकदी और एक मोटर साइकिल बरामद की। आरोपी नवदीप सिंह (26) पुत्र इंद्रसेन जाट निवासी कुलार पीएस बहाववाला, फाजिल्का पंजाब एवं प्रमोद बिश्नोई (22) पुत्र संदीप बिश्नोई निवासी 12 केवाईडी खाजूवाला, बीकानेर को पुलिस ने पहले शांतिभंग की आशंका में गिरफ्तार किया। बाद में उनको साइबर क्राइम, धोखाधड़ी आदि से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपियों से बरामद सामान आदि की जांच पड़ताल की जा रही है।
पुलिस के अनुसार एसपी अरशद अली के आदेश पर साइबर क्राइम की रोकथाम को लेकर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत जंक्शन थाना प्रभारी सतपाल बिश्नोई के नेतृत्व में एसआई मोहर ने मय टीम बाइक सवार नवदीप सिंह व प्रमोद बिश्नोई को पकड़ा। उनके कब्जे से भारी संख्या में उपरोक्त सामग्री मिलने पर उच्चाधिकारियों को सूचना देकर जांच शुरू की गई।
पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार दोनों आरोपी खाताधारकों को लालच देकर या उनके कागजात से फर्जी बैंक अकाउंट खुलवाकर जालसाजों को दे देते हैं। इन खातों में साइबर फ्रॉड, गेम्बलिंग, एक्सटोर्शन, डिजिटल अरेस्ट आदि का पैसा आता है। इसके बाद आरोपी व गिरोह के अन्य साथी खाते में आए पैसों को एटीएम कार्ड एवं अन्य माध्यमों से निकाल लेते हैं। खाताधारक तथा एटीएम कार्ड धारक की जानकारी जुटाने एवं गिरोह की धरपकड़ के लिए साइबर टीम गठित कर तलाश शुरू कर दी गई है। जब्त एटीएम व बैंक पासबुक से किन खातों में कितने पैसों का किससे लेन-देन किया गया है, इसकी जांच में पुलिस की विशेष टीम जुटी हुई है। पुलिस की माने तो दोनों युवकों से साइबर क्राइम, फर्जीवाड़े, ठगी आदि से संबंधित वारदातों से जुड़ी अहम जानकारी मिल सकती है।

बड़ा गिरोह, कर रहे जांच

दोनों आरोपी लोगों को लालच देकर या फर्जी तरीके से खाते खुलवा कर फ्रोडस्टर को देते हैं। इन खातों में हवाला, रंगदारी, डिजिटल अरेस्ट व गेमिंग का पैसा आता है। यह बड़ा गिरोह है। इसमें कई और लोगों की भी संलिप्तता है। दोनों युवकों से जब्त पासबुक में से कुछ फाजिल्का तथा कुछ हनुमानगढ़ की है। पुलिस टीम जांच में जुटी हुई है। - अरशद अली, एसपी हनुमानगढ़।

Published on:
09 Dec 2024 10:12 pm
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