बता दें कि यूएस-इजरायल के हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई की 28 फरवरी को मौत हो गई थी। उनकी मौत के बाद मध्यप्रदेश के कई शहरों में समेत भारत (लखनऊ, कश्मीर, इंदौर) और पाकिस्तान (कराची) सहित दुनिया के कई हिस्सों में शिया समुदाय द्वारा भारी विरोध प्रदर्शन और मातम मनाया गया। विरोधियों ने इसे अमेरिका और इज़राइल की "साजिश" बताते हुए कड़ी निंदा की और इन देशों के खिलाफ नारे लगाए। भारत में, प्रदर्शनों के मद्देनजर पुलिस-प्रशासन को सतर्क कर दिया गया था। अमेरिकी-इजरायली हमले में खमैनेई की मौत के बाद, समर्थकों ने इसे 'शहादत' मानते हुए शोक व्यक्त किया।