सुप्रीम कोर्ट ने कत्यायिनी और अर्जुन काक के बीच लंबे समय से चल रहे विवाद को निपटाते हुए उनके विवाह को शून्य कर दिया। कोर्ट ने दोनों पक्षों द्वारा आपसी सहमति से तैयार किए गए समझौते को स्वीकार करते हुए सभी लंबित मुकदमों और एफआईआर को समाप्त करने का निर्देश हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने कत्यायिनी और अर्जुन काक के बीच लंबे समय से चल रहे विवाद को निपटाते हुए उनके विवाह को शून्य कर दिया। कोर्ट ने दोनों पक्षों द्वारा आपसी सहमति से तैयार किए गए समझौते को स्वीकार करते हुए सभी लंबित मुकदमों और एफआईआर को समाप्त करने का निर्देश हैं। कोर्ट ने कहा कि अब पति-पत्नी के बीच कोई भी वैवाहिक या अन्य प्रकार का संबंध शेष नहीं रहेगा। समझौते के तहत अर्जुन काक ने 2.25 करोड़ रुपए कत्यायिनी को दिए हैं। 1 करोड़ की राशि दे दी है। 1.25 करोड़ रुपए 30 नवंबर तक देने होंगे।
दरअसल इंदौर के अर्जुन काक का विवाह 2018 में कत्यायिनी से हुआ था। नगर निगम ने दोनों के विवाह का प्रमाण पत्र भी जारी करना बताया, लेकिन दोनों के बीच विवाद हो गया। कात्यायिनी ने पड़ाव थाने में दहेज प्रताडऩा का केस दर्ज कराया। आरोप लगाया कि अर्जुन काक ने रॉयल्स रॉय कार (विटेंज कार) दहेज में मांगी है। दहेज प्रताडऩा की एफआईआर को काक ने हाईकोर्ट में चुनौती दी। हाईकोर्ट ने दोनों की मध्यस्थता सेे विवाद खत्म करने के लिए काउंसिलिंग कराई। कत्यायिनी ने 36 करोड़ रुपए भरण पोषण के रूप में मांगे। इसके चलते सुलह नहीं हो सकी। हाईकोर्ट ने दहेज प्रताडऩा की एफआईआर को निरस्त कर दिया। हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ कात्यायिनी ने 2024 में सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर की। सुप्रीम कोर्ट में दोनों आपसी सहमति से विवाह खत्म किया।
दोनों पक्षों ने सभी दावों और मुकदमों का निपटारा करने पर सहमति दी। 2.25 करोड़ की राशि पर करने पर सहमति जताई।
-1 करोड़ की पहली किश्त 31 अगस्त 2025 तक और शेष 1.25 करोड़ 30 नवंबर 2025 तक अदा की जाएगी।
-यदि तय समय सीमा में भुगतान नहीं हुआ तो बकाया राशि पर 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देना होगा।
-कत्यायिनी को दिए गए उपहार वह रख सकेंगी, जबकि अर्जुन को उनकी ओर से मिले कुछ उपहार जैसे सगाई की अंगूठी, अचकन के बटन और 10 ग्राम की गिन्नी लौटाने होंगे।