Ahmedabad. शहर क्राइम ब्रांच ने मंगलवार को संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की है। सात घंटे तक चले हाई-वोल्टेज ऑपरेशन के बाद राजस्थान के कोटा जिले के दो कुख्यात अपराधियों को टीम ने गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपी हाल ही में कुख्यात गैंगस्टर रवि गोदारा गैंग से जुड़े थे। गुजरात में फिरौती का […]
Ahmedabad. शहर क्राइम ब्रांच ने मंगलवार को संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की है। सात घंटे तक चले हाई-वोल्टेज ऑपरेशन के बाद राजस्थान के कोटा जिले के दो कुख्यात अपराधियों को टीम ने गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपी हाल ही में कुख्यात गैंगस्टर रवि गोदारा गैंग से जुड़े थे। गुजरात में फिरौती का नेटवर्क फैलाने की योजना बना रहे थे।
क्राइम ब्रांच के संयुक्त पुलिस आयुक्त (जेसीपी) शरद सिंघल ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों में की पहचान 25 वर्षीय अमन उर्फ बच्चा (एहसान अली सैयद) (25), 26 वर्षीय सुहैब उर्फ चिन्टू (फिरोजखान पठान) के रूप में की गई है। अमन राजस्थान में कोटा के किशोरपुरा क्षेत्र में बकरा मंडी का निवासी है, जबकि सुहैब केतूनी पोल थाना क्षेत्र के पातनपोल का निवासी है।
सिंघल ने बताया कि प्राथमिक जांच में सामने आया कि पकड़े गए इन दोनों ही आरोपियों के विरुद्ध 20 से अधिक गंभीर मामले दर्ज हैं, जिनमें संगठित फिरौती मांगना, हत्या की कोशिश, टारगेटेड शूटिंग और आर्म्स एक्ट के तहत अपराध शामिल हैं।
क्राइम ब्रांच सूत्रों के तहत रवि गोदारा गुजरात व अहमदाबाद में फिरौती वसूली का नेटवर्क खड़ा करने की तैयारी में है। वह स्थानीय स्तर पर टारगेट तलाशने में जुटा था। इसके लिए उसने अपने इन दोनों ही गुर्गों को अहमदाबाद भेजा था। क्राइम ब्रांच को मिली पुख्ता ह्यूमन इंटेलिजेंस के आधार पर इन दोनों पर नजर रखी गई। इसके बाद सात घंटे तक चली रोमांचक कार्रवाई में अपराधियों ने गिरफ्तारी से बचने की भरपूर कोशिश की, लेकिन क्राइम ब्रांच की सतर्कता और तेज रणनीति के आगे उनकी सारी चालें नाकाम हो गईं। आखिरकार टीम ने दोनों को धर दबोचा।
क्राइम ब्रांच अधिकारियों के तहत दोनों को पकड़ने से शहर में संगठित अपराध का बड़ा खतरा टल गया है। फिलहाल अहमदाबाद क्राइम ब्रांच राजस्थान पुलिस के साथ समन्वय कर रही है। इनकी गिरफ्तारी की सूचना कोटा पुलिस को दे दी गई है। प्रारंभिक कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद दोनों आरोपियों को आगे की जांच के लिए कोटा पुलिस को सौंपा जाएगा।
क्राइम ब्रांच सूत्रों के तहत यह दोनों आरोपी करीब एक सप्ताह पहले ही राजस्थान की जेल से छूटे थे। दोनों कोटा की जेल में बंद थे। इनके गुजरात व अहमदाबाद में स्थानीय संपर्क की भी जांच की जा रही है।
इससे पहले दिसंबर 2025 में गुजरात एटीएस ने रवि गोदारा-नवीन बॉक्स गिरोह के सदस्य विकास श्योरान को कच्छ जिले के रापर से पकड़ा था। यह भिवानी शहर के कोर्ट परिसर में लवजीत सिंह की हत्या के मामले में लिप्त था।