बाड़मेर. पत्रिका समूह के संस्थापक श्रद्धेय कर्पूरचंद्र कुलिश के जन्मशती शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में सोमवार को पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय, जालिपा में ‘नशा मुक्ति जागरूकता’ सेमिनार का आयोजन किया गया।
बाड़मेर. पत्रिका समूह के संस्थापक श्रद्धेय कर्पूरचंद्र कुलिश के जन्मशती शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में सोमवार को पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय, जालिपा में ‘नशा मुक्ति जागरूकता’ सेमिनार का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कक्षा 9वीं और 11वीं के छात्र-छात्राओं ने नशे से दूर रहने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और सकारात्मक सोच के साथ नशा मुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया। सेमिनार के दौरान बच्चों के साथ सवाल-जवाब भी हुए।
प्राचार्य किशना राम सेंवर ने विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराते हुए कहा कि नशे की लत न केवल व्यक्ति के शरीर को नष्ट करती है, बल्कि पूरे परिवार को संकट में डाल देती है। उन्होंने उदाहरण दिया कि कैसे एक स्वस्थ और सुशील युवक बुरी संगत के कारण नशे के चंगुल में फंसकर अपना जीवन बर्बाद कर बैठा। प्राचार्य ने कहा यदि कोई आपको नशा करने के लिए प्रेरित करे, तो उसे तुरंत ना कहें। आपके सपने तभी पूरे होंगे जब आप नशे से दूर रहेंगे। वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य युवा पीढ़ी के नशे से दूर रहने पर ही संभव है।
राजस्थान पत्रिका, बाड़मेर संस्करण के संपादकीय प्रभारी योगेंद्र सेन ने कहा कि जिले में नशीले पदार्थों की फैक्ट्रियों और लैब का पकड़ा जाना अत्यंत गंभीर विषय है। विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे नशे के विरुद्ध एक सैनिक की तरह लड़ें। हमेशा सतर्क रहें। यदि मोहल्ले में ऐसी कोई संदिग्ध गतिविधि दिखे, तो तुरंत सूचना दें। हमें मिलकर बाड़मेर को ‘उड़ता पंजाब’ बनने से रोकना होगा।
शिक्षक मनोहर सिंह ने कहा कि विद्यार्थियों का मनोबल इतना दृढ़ होना चाहिए कि कोई भी उन्हें नशे का शिकार न बना सके। समाज में बढ़ते अपराधों के मूल में नशा ही है। इस दौरान वरिष्ठ शिक्षक शोभा शर्मा, कैलाशचंद्र नेटवाल और शंकर ने भी सहयोग प्रदान किया।
छात्रा प्रेरणा चौधरी ने कहा नशा केवल एक आदत नहीं, बल्की हमारी सेहत, करियर और रिश्तों को गंभीर रूप से प्रभावित करने वाली आग है। इस सत्र ने हमें सिखाया कि स्वस्थ शरीर ही और दिमाग ही हमारे सपनों और देश की प्रगति की नींव है।
छात्र रामस्वरूप विश्नोई ने कहा कि 18 से 32 वर्ष का युवा देश का भविष्य होता है। जब वह अपनी राह से भटक जाता है तो देश की प्रगति कैसे होगी। जब वह नशा कर घर जाता है तो माता-पिता पर क्या बीतती होगी। ये आपको तय करना है कि आपको किस राह पर जाना है।02:08 PM