MP News: एक पिता ने 22 वर्षीय विधवा बेटी का दोबारा घर बसाया तो समाज के ठेकेदार भड़क उठे। परिवार पर 25 हजार का जुर्माना और 10 साल के बहिष्कार का फरमान सुनाया गया, प्रशासन ने जांच शुरू की।
MP News: आजादी के 78 साल बीत गए, लेकिन सरकार के कई प्रयासों के बाद भी समाज से कुरीतियां खत्म नहीं हुईं। बालाघाट के लांजी में मंडई टेकरी के एक पिता ने विधवा बेटी की दोबारा शादी कराई तो समाज ने पूरे परिवार का बहिष्कार कर दिया। 25 हजार रुपए जुर्माना और 10 साल का सामाजिक प्रतिबंध भी लगाया। कलेक्टर मृणाल मीना ने पीड़ित पिता मानिक सोनवाने की शिकायत पर एसडीएम को जांच के निर्देश दिए हैं। मानिक ने बताया, बेटी की शादी पहले हुई थी। चार साल पहले 2022 में बीमारी से दामाद की मौत हुई। महज 22 साल की उम्र में बेटी का घर उजड़ गया।
मानिक ने कहा कि विधवा बेटी की दोबारा शादी कराने के बाद बिंझवार समाज के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष व कोषाध्यक्ष ने सामाजिक बैठक की। समाज के ठेकेदार बनकर उन्होंने बहिष्कृत करने का फैसला सुनाया।
इसके पहले 3 फरवरी को लालबर्रा के देवरी गांव के फोगल बाहेश्वर ने भी समाज से बहिष्कृत करने की की शिकायत की थी। उसने भांजे का अंतरजातीय विवाह कराया। मरार समाज ने उसे बहिष्कृत कर दिया। इसकी जांच भी जारी है।
21वीं सदी में, जब देश डिजिटल इंडिया और मंगल मिशन की बात कर रहा है। जाति-समाज से भेदभाव दूर करने के लिए सरकार ने कानून में व्यवस्था दी। कोर्ट ने भी कई बार अपने फैसलों से नजीर बनाई। वहां एक पिता को बेटी का घर दोबारा बसाने के लिए 'सामाजिक बहिष्कार' और 'जुर्माने' की सजा मिलना हमारी सभ्यता पर गहरा तमाचा है। (MP News)