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भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों में फिर घिरे मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या

आरोप: खदान लाइसेंस नवीनीकरण में रिश्वतखोरी बेंगलूरु. मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या फिर एक बार विवादों में घिरते नजर आ रहे हैं। मैसूरु शहरी विकास प्राधिकरण (मुडा) के वैकल्पिक भूखंड आवंटन मामले में लोकायुक्त से क्लीन चिट मिलने के बावजूद मुख्यमंत्री की मुसीबतें कम नहीं हो रही हैं। ताजा मामले में एक सामाजिक कार्यकर्ता एच. राममूर्ति ने सिद्धरामय्या […]

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Apr 10, 2025
Former CM Siddaramaiah addressing a press conference at his residence Cauvery, in Bengaluru on Friday 23rd August 2019

आरोप: खदान लाइसेंस नवीनीकरण में रिश्वतखोरी

बेंगलूरु. मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या फिर एक बार विवादों में घिरते नजर आ रहे हैं। मैसूरु शहरी विकास प्राधिकरण (मुडा) के वैकल्पिक भूखंड आवंटन मामले में लोकायुक्त से क्लीन चिट मिलने के बावजूद मुख्यमंत्री की मुसीबतें कम नहीं हो रही हैं।

ताजा मामले में एक सामाजिक कार्यकर्ता एच. राममूर्ति ने सिद्धरामय्या पर खनन अनुबंध नवीनीकरण में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए बुधवार को राज्यपाल थावरचंद गहलोत के समक्ष शिकायत दर्ज कराई है। शिकायकर्ता ने दस्तावेजी सबूतों के साथ राज्यपाल से आग्रह किया है कि वह इस मामले में सीएम के खिलाफ अभियोजन की मंजूरी दें। राज्यपाल ने इस मामले पर सॉलिसिटर जनरल की राय मांगी है। राममूर्ति गौड़ा ने पहले भी इस मामले को लेकर लोकायुक्त के पास शिकायत दर्ज कराई थी।

नीलामी के बजाय नवीनीकरण पर उठाया सवाल

शिकायतकर्ता का आरोप है कि सीएम ने आठ कंपनियों के खनन लाइसेंस का नवीनीकरण करने के लिए करीब 500 करोड़ रुपए की रिश्वत ली। शिकायतकर्ता का दावा है कि 2015 में सिद्धरामय्या ने खनन लाइसेंस के लिए नीलामी का विकल्प नहीं चुना था। नीलामी होती तो राशि रॉयल्टी के रूप में मिलती और राज्य को 5 हजार करोड़ रुपए का नुकसान नहीं पहुंचता।

भाजपा ने बोला हमला: भाजपा विधायक व पूर्व उप मुख्यमंत्री डॉ. सीएन अश्वथनारायण ने कहा कि इस मामले की जांच होनी चाहिए। भाजपा से निष्कासित बसनगौड़ा पाटिल यत्नाल ने कहा कि शिकायतकर्ता का पत्र पब्लिक डोमेन में है। सीएम बताएं कि नियमों के विरुद्ध खदानों का नवीनीकरण क्यों किया?

Updated on:
10 Apr 2025 09:45 pm
Published on:
10 Apr 2025 09:44 pm
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