
बालोद जिले के गुंडरदेही ब्लॉक के ग्राम खलारी के ग्रामीणों ने दो साल से मांग पूरी नहीं होने पर धमतरी- गुंडरदेही मुख्य मार्ग पर सुबह 10 बजे से चक्काजाम कर दिया। चक्काजाम देर रात तक चलता रहा। इस दौरान पूरा गांव बंद रहा और आंदोलन में हर घर से लोग पहुंचे थे। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक मांग पूरी नहीं होगी, तब तक चक्काजाम जारी रहेगा। आंदोलन के दौरान कुछ होता है तो इसकी जवाबदारी शासन-प्रशासन की होगी।
ग्रामीणों की मांग है गांव में एक महिला को दी गई आबादी जमीन को निरस्त किया जाए। ये वो लोग 20 से 30 साल से गांव में नहीं रहते हैं। उन्हें आबादी जमीन क्यों दी गई। वहीं गांव के पूर्व कोटवार की सेवा समाप्त होने के बाद भी वह 11 एकड़ की सेवा भूमि का उपयोग कर रहा है, जो गलत है। जमीन को वर्तमान कोटवार को दिया जाए। ग्रामीणो ने शासन प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है और कहा कि कार्रवाई सही होती तो आज तक मामला सुलझ जाता। ग्रामीणों ने प्रदर्शन की सूचना पहले प्रशासन को दे दी थी। आंदोलन शुरू हुआ और इसकी जानकारी अधिकारियों को हुई तो अधिकारी आंदोलन व चक्काजाम रोकने गांव पहुंचे। ग्रामीणों ने साफ कहा कि मांग पूरा हो जाए हम आंदोलन समाप्त कर देंगे।
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ग्रामीणों ने दोपहर में जब भूख लगी तो आंदोलन स्थल पर सड़क पर चूल्हा जलाकर पोहा बनाया। ग्रामीण अध्यक्ष बीरबल साहू ने बताया कि हमारी मांग जायज है और जायज मांगों पर प्रशासन को गंभीर होना चाहिए। अभी तो शुरुआत है। हमारी मांग पूरी नहीं हुई तो आंदोलन रातभर चलेगा और रात में भी भोजन बनाएंगे।
ग्रामीणों को समझाने के लिए एसडीएम प्रतिमा ठाकरे, तहसीलदार कोमल ध्रुव भी गए थे। ग्रामीणों को समझाने व आंदोलन समाप्त करने का आग्रह किया, लेकिन ग्रामीण अपनी बातों पर अडिग रहे और देर शाम तक आंदोलन जारी रहा।
ग्रामीण खूब लाल साहू, बीरबल साहू का कहना है कि पहली मांग आबादी पट्टा विवाद से जुड़ी है। गांव की महिला रेखा सागर पति टेमन सागर को ग्रामसभा के विरोध के बावजूद पट्टा जारी कर दिया गया और निर्माण पर लगी रोक एसडीएम ने एकतरफा आदेश से हटा दी। दूसरी मांग वर्तमान कोटवार की सेवा भूमि को लेकर है। ग्रामीणों के अनुसार पूर्व कोटवार पदमुक्त होने के बाद भी जमीन पर कब्जा किए हुए है, जबकि ऑनलाइन रिकॉर्ड में वर्तमान कोटवार टीकाराम साहू का नाम दर्ज है। उन्हें कब्जा और ऋण-खाद की सुविधा नहीं दी जा रही।
गुंडरदेही एसडीएम प्रतिमा ठाकरे ने कहा कि ग्रामीण लगे स्टे को हटाने की बात कह रहे हैं, वह गलत है। नियम के तहत कार्रवाई की जा रही है। जिस महिला का पट्टा निरस्त करने की मांग हो रही है, उन्होंने कलेक्टर न्यायालय में अपील की है। फैसला आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।