The surveillance system नरसिंहपुर. जिला मुख्यालय के रेलवे स्टेशन से हर दिन आवाजाही करने वाले औसतन 9 से 10 हजार यात्रियों की सुरक्षा के लिए निगरानी व्यवस्था बेहतर नहीं है। यहां महिनों पहले लगे 36 सीसीटीवी कैमरे अब तक चालू नहीं हो सके हैं। क्योंकि यहां कैमरे तो लगा दिए गए लेकिन केबल लगाने और […]
The surveillance system नरसिंहपुर. जिला मुख्यालय के रेलवे स्टेशन से हर दिन आवाजाही करने वाले औसतन 9 से 10 हजार यात्रियों की सुरक्षा के लिए निगरानी व्यवस्था बेहतर नहीं है। यहां महिनों पहले लगे 36 सीसीटीवी कैमरे अब तक चालू नहीं हो सके हैं। क्योंकि यहां कैमरे तो लगा दिए गए लेकिन केबल लगाने और कनेक्शन करने की कार्रवाई अब तक नहीं हो सकी है। यहां पूर्व से लगे सिर्फ तीन कैमरों के भरोसे निगरानी हो रही है, जबकि अमृत भारत का कार्य चलने से स्टेशन का क्षेत्र विकसित हो रहा है।
नरसिंहपुर रेलवे स्टेशन पर दोनों प्लेटफार्म समेत पूरे परिसर में दिन रात लोगों की आवजाही बनी रहती है। प्लेटफार्म के बाजू से ही रैक प्वाइंट है जहां लोगों की सहज आवाजाही बनी रहती है। अमृत भारत योजना के तहत स्टेशन का कायाकल्प करने तो विभिन्न कार्य हो रहे हैं लेकिन सबसे महत्वपूर्ण विषय यात्रियों और स्टेशन की सुरक्षा के लिए यहां लगे सीसीटीवी कैमरों को चालू कराने कोई सार्थक कार्रवाई नहीं हो रही है। जिससे प्लेटफार्म, परिसर, रैक प्वाइंट पर आने-जाने वाले लोगों की निगरानी हो सके और तत्वों के अनाधिकृत प्रवेश, अवैध गतिविधियों पर सख्ती से रोक लगाई जा सके। यात्रियों का कहना है कि रेलवे को जल्द से जल्द कैमरों को चालू कराने के लिए कारगर प्रयास करना चाहिए ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
वर्जन
कैमरों का कनेक्शन व केबल लगाने का कार्य एक एजेंसी के जरिए होना है। कैमरे चालू कराने इंजीनियर को बुलवाया जा रहा है। हमारी कोशिश है कि जल्द से जल्द कैमरे चालू हो जाएं। अमृत भारत के कार्य भी अप्रेल तक पूरे होने की उम्मीद है।
सुनील जाट, स्टेशन अधीक्षक नरसिंहपुर