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पानी में बह गया 100 कराेड़ का विकास

सड़काें की स्थिति दिन ब दिन होती जा रही खराब, जाे काम हो रहे हैं, उनकी रफ्तार है सुस्त सागर. स्मार्ट सिटी ने विकास के नाम पर शहरभर में बार-बार नालियां-सड़कें खोदीं, लोगों को धूल, गड्ढों से परेशान होना पड़ा। बारिश में ही सौ करोड़ से ज्यादा का विकास कार्य बह गया या गिट्टियां उखड़ने […]

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Aug 02, 2024
दीनदयाल चौराहे की स्मार्ट रोड पर गड्ढे

सड़काें की स्थिति दिन ब दिन होती जा रही खराब, जाे काम हो रहे हैं, उनकी रफ्तार है सुस्त

सागर. स्मार्ट सिटी ने विकास के नाम पर शहरभर में बार-बार नालियां-सड़कें खोदीं, लोगों को धूल, गड्ढों से परेशान होना पड़ा। बारिश में ही सौ करोड़ से ज्यादा का विकास कार्य बह गया या गिट्टियां उखड़ने से सड़कें छलनी हो गईं। शहर की 3 लाख जनता अब भी परेशान है और स्मार्ट सिटी से सवाल पूछ रही है कि विकास कहां है ? ये कैसी पीड़ा है जो 4 साल से चल रही है ? जो आधे-अधूरे कार्य हुए वे भी बारिश नहीं झेल पाए। करीब 100 करोड़ की सड़कों में से कुछ सड़कें आज भी अधूरी हैं, रोज हादसे हो रहे हैं। नई स्मार्ट सड़कें पानी में बहने लगीं हैं।

जो विकास हुआ वह पानी में बहने लगा

शहर में करीब 87 करोड़ रुपए से स्मार्ट सड़कें हैं, इसमें विधानसभा चुनाव के पहले 8 ही करोड़ रुपए की सड़कें कायाकल्प योजना के तहत बनी हैं। इस दौरान मुख्यमंत्री अधोसंरचना, विधायक निधि, पार्षद निधि आदि राशि से भी सड़कें बनाई गईं। लेकिन बारिश हुई तो कई जगह विकास कार्यों की पोल खुल गईं। छोटी-छोटी गलियों के अलावा मुख्य मार्गों की नवनिर्मित सड़कें पानी में बहने लगी हैं।

कार्य में यहां दिक्कतें

-तीन मढिय़ा रोड अधूरी।

-धर्मश्री-काकागंज रोड खराब हो गई।

-नवनिर्मित दीनदयाल चौराहे पर गड्ढे हो गए।

-सिविल लाइन से तिली स्मार्ट रोड पर गड्ढे होने लगे।

-बस स्टैंड-पीली कोठी रोड भी जवाब दे रही।

-तीन बत्ती से परकोटा रोड पर गिट्टियां निकलने लगीं।

-संगीत महाविद्यालय रोड आज तक पूरी न हो सकी।

नालियों का बेतरतीब निर्माण इसलिए भर रहा पानी

स्मार्ट सिटी के ठेकेदारों ने जो सडक़ें बनाईं उसमें पानी भर रहा है। पीली कोठी से कगदयाउ घाटी होकर रेलवे स्टेशन की रोड, पुराने बस स्टैंड के सामने, संजय ड्राइव रोड की गुणवत्ता तो खराब है ही। स्मार्ट सिटी की एसआर वन दीनदयाल चौराहा से तिली चौराहा और एसआर टू सिविल लाइन से तिली चौराहा जैसी सड़कों पर नाली निर्माण में भी लापरवाही दिखी। जहां पानी नाली में जा सके उसके होल कहीं-कहीं एक-एक फीट ऊपर हैं और पानी सड़कों पर भर रहा है। इससे सड़कें भी खराब हो रहीं हैं।

- सड़कें 2-3 साल के मेंटेनेंस में रहती हैं। तिलीसड़क निर्माण करने वाली एजेंसी को नोटिस दिया है। अभी किसी भी सडक़ को निगम के हैंडओवर नहीं किया गया है। मेरे समय में अभी तक किसी भी सड़क निर्माण करने वाली एजेंसी को कंप्लीशन सर्टिफिकेट नहीं दिया गया है।

राजकुमार खत्री, निगमायुक्त।

Published on:
02 Aug 2024 07:39 pm
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