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परियों की जादुई दुनिया : सपने, दोस्ती और सीख की अनोखी कहानियां

किड्स कॉर्नर: चित्र देखो कहानी लिखो 77 .... बच्चों की लिखी रोचक कहानियां परिवार परिशिष्ट (06 मई 2026) के पेज 4 पर किड्स कॉर्नर में चित्र देखो कहानी लिखो 77 में भेजी गई सराहनीय कहानियां दी जा रही हैं।

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May 15, 2026
किड्स कॉर्नर: चित्र देखो कहानी लिखो 77 .... बच्चों की लिखी रोचक कहानियां, परिवार परिशिष्ट (06 मई 2026) के पेज 4 पर किड्स कॉर्नर में चित्र देखो कहानी लिखो 77 में भेजी गई सराहनीय कहानियां दी जा रही हैं।

एकता का जादू

नाम: पलक पालीवाल | उम्र: 12 वर्ष
एक सुंदर बगीचे में चार परियां रहती थीं। चारों के पास अलग-अलग शक्तियां थीं, लेकिन वे अक्सर इस बात पर झगड़ती थीं कि किसकी शक्ति सबसे महान है। एक दिन बगीचे के फूल मुरझाने लगे। परियों ने अकेले उन्हें बचाने की कोशिश की, पर सब असफल रहीं। तभी सबसे समझदार परी ने कहा, "अगर हम अपनी शक्तियां मिला दें, तो ही इन्हें बचा सकते हैं।" चारों ने मिलकर अपनी जादुई छड़ी घुमाई और बगीचा पहले जैसा खिल उठा।
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मैं चला परियों की दुनिया में

नाम: गर्वित पनेरी | उम्र: 08 वर्ष
मैं अपने कमरे में सो रहा था। अचानक खिड़की से एक चमकती हुई परी अंदर आई और मुझे अपने साथ आसमान में ले गई। हम उड़ते-उड़ते बादलों के पार पहुंच गए। वहां की दुनिया बहुत सुंदर थी! हर तरफ रंग-बिरंगी परियां उड़ रही थीं। सबने मिलकर मेरा स्वागत किया। परियों ने मुझे मीठी टॉफी और फल खिलाए। हमने वहां अलग-अलग खेल खेले और ऊंचे आसमान में झूला झूला। तभी मां ने मुझे जगाया और मेरा प्यारा सपना टूट गया।
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जादुई उत्सव

नाम: डिंपल शौर्य | उम्र: 12 वर्ष
परीलोक में चार सहेलियां रहती थीं। सबसे बड़ी परी ने एक जादुई उत्सव का आयोजन किया और अपनी सहेलियों को उड़ना सिखाने का वादा किया। पीली पोशाक वाली परी थोड़ी डरी हुई थी, लेकिन बैंगनी पंखों वाली परी ने उसका हाथ थाम लिया। वे सब मिलकर नीले आसमान की ऊंचाइयों में उड़ने लगीं। नीचे फूलों की घाटी में खड़ी उनकी चौथी सहेली खुशी से झूम उठी। उन सबने मिलकर पूरे आकाश को अपनी हंसी और जादू से भर दिया।
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जादुई परियां और राजकुमारी

नाम: विदिशा सुथार | उम्र: 07 वर्ष
राजकुमारी आर्या बहुत दयालु और मेहनती थी। एक दिन उसने देखा कि तीन परियां आकाश से उतरीं। वे उसकी दयालुता से बहुत खुश हुईं और उसे उपहार दिया। परियों ने कहा, "जब भी तुम किसी की मदद करोगी, तुम्हारे पास जादुई शक्तियां आ जाएंगी।" राजकुमारी ने वादा किया कि वह सबकी मदद करेगी। उसने भूखे लोगों को भोजन दिया और बीमारों की सेवा की। धीरे-धीरे पूरा राज्य खुशहाल हो गया और सबको अपनी राजकुमारी पर गर्व हुआ।
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जादुई परियां और मदद की सीख

नाम: दिव्यांश शर्मा | उम्र: 09 वर्ष
एक दिन नन्ही एंजल उदास थी क्योंकि वह रास्ता भूल गई थी। तभी उसे तीन सुंदर परियां दिखाई दीं। परियों ने पूछा, "तुम उदास क्यों हो?" एंजल ने अपनी समस्या बताई। परियों ने मुस्कुराकर कहा, "डरो मत, हम तुम्हारी मदद करने आई हैं।" उन्होंने उसे सुरक्षित घर पहुंचा दिया। एंजल ने उन्हें धन्यवाद कहा और उस दिन से वह भी दूसरों की मदद करने लगी।
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सच्चे दिल का सपना

नाम: वैष्णवी परमार | उम्र: 12 वर्ष
राहुल एक गरीब बच्चा था जिसे उड़ने का बहुत शौक था। एक दिन वह जंगल में पेड़ के नीचे बैठा था, तभी उसे तीन सुंदर परियां दिखीं। राहुल ने अपना सपना उन्हें बताया। परियां मुस्कुराईं और बोलीं, "सच्चे दिल से देखे गए सपने जरूर पूरे होते हैं।" एक परी ने राहुल का हाथ पकड़ा और उसे आसमान की सैर कराई। राहुल ने निश्चय किया कि वह मेहनत करके अपने सपनों को हकीकत में बदलेगा।
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सच्ची उड़ान

नाम: धैर्य खंडेलवाल | उम्र: 08 वर्ष
एक छोटी परी ने नीचे खड़ी एक उदास लड़की को देखा और पूछा, "तुम दुखी क्यों हो?" लड़की बोली, "मुझे डर लगता है कि मैं कभी सफल नहीं हो पाऊंगी।" परी मुस्कुराई और बोली, "पंखों से नहीं, हौसलों से उड़ान होती है।" लड़की ने कड़ी मेहनत शुरू की और अपने सारे सपने पूरे कर लिए।
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परिश्रम का जादू

नाम: ध्वनि खंडेलवाल | उम्र: 12 वर्ष
नन्ही रीमा को लगता था कि वह जीवन में कुछ नहीं कर सकती। तभी उसके सामने तीन परियां आईं। एक परी ने कहा, "अगर तुम मेहनत करोगी, तो सब कुछ कर सकती हो।" उस दिन से रीमा ने मन लगाकर पढ़ाई शुरू कर दी। कुछ समय बाद वह अपनी कक्षा की सबसे अच्छी छात्रा बन गई।
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हवा की सैर

नाम: विराट बिश्नोई | उम्र: 09 वर्ष
रिया स्कूल जा रही थी कि तभी एक भालू उसके सामने आ गया। वह डर गई, लेकिन तभी आसमान से तीन परियां आईं और भालू को भगा दिया। रानी परी ने रिया को चॉकलेट दी और हवा की सैर करवाई। तभी रिया की आंख खुल गई और उसे पता चला कि वह एक सुंदर सपना देख रही थी।
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परी लोक की सीख

नाम: शगुन कुशवाहा | उम्र: 12 वर्ष
अनाया एक रात परियों के साथ परी लोक पहुंची। वहां के फूल मुरझा रहे थे क्योंकि लोग स्वार्थी हो गए थे। अनाया ने सबको मिल-जुलकर रहने और प्रेम का महत्व समझाया। धीरे-धीरे परी लोक फिर से रंगों से भर गया। परी रानी ने उसे एक मुकुट दिया और कहा, "सच्चा जादू किसी छड़ी में नहीं, बल्कि अच्छे दिल में होता है।"
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मां का प्यार

नाम: पुरु त्रिवेदी | उम्र: 10 वर्ष
रीनी सपने में परियों के देश पहुंच गई और उनके साथ खूब उड़ी। लेकिन अचानक उसे अपनी मम्मी की याद आई और वह नींद से उठकर रोने लगी। उसने मां से लिपटकर कहा, "परियों से भी सुंदर तो मेरी मां है।" अब रीनी को सपने में हर परी अपनी मां जैसी ही प्यारी लगने लगी।
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राजकुमारी मिली और अंगूठी

नाम: निमिषा पाटीदार | उम्र: 08 वर्ष
राजकुमारी मिली को बगीचे में एक अंगूठी मिली। तभी एक गंदी परी आई और उस पर चोरी का आरोप लगाने लगी। मिली ने अच्छी परी को याद किया। अच्छी परी तुरंत वहां पहुंची और गंदी परी को भगा दिया। मिली ने राहत की सांस ली और तभी उसकी नींद खुल गई। उसे समझ आया कि ईमानदारी की हमेशा जीत होती है।
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सपनों का संकल्प

नाम: ऋषिका | उम्र: 11 वर्ष
किशोरी रहस्यमयी लड़के और परियों को देखना चाहती थी। पहली बार वह छत पर सो गई, पर दूसरी पूर्णिमा को वह जागती रही। तभी उसे आसमान में तीन लोग उड़ते दिखे। लड़के ने पास आकर कहा, "अपने सपनों को खुलकर पूरा करने का निर्णय लो।" अगले दिन से किशोरी ने अपने सपनों के लिए मेहनत करना शुरू कर दिया।
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चार सहेलियां

नाम: अवधि जैन | उम्र: 09 वर्ष
चार सहेलियों के पास जादुई पंख थे। एक दिन तीन सहेलियां आसमान में उड़ रही थीं और चौथी सहेली जमीन पर नाच रही थी। ऊपर वाली सहेलियों ने उसे आवाज दी, "जल्दी ऊपर आओ!" वह भी उड़कर उनके पास पहुंच गई और सबने मिलकर पूरे आसमान की सैर की।
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राधा की दोस्त परियां

नाम: प्रांजलि माहेश्वरी | उम्र: 09 वर्ष
राधा पार्क में अपने माता-पिता से बिछड़ गई थी। वह डरकर रोने लगी, तभी वहां परियां आईं। उन्होंने राधा के साथ खेलकर उसका डर दूर किया और उसे उसके माता-पिता से मिलवा दिया। कुछ दिनों बाद जब राधा फिर पार्क आई, तो उसने एक झाड़ी में फंसी परी की मदद की।
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दोस्ती की हिम्मत

नाम: विशाल | उम्र: 13 वर्ष
रिया गांव में अकेली थी। एक रात तीन परियां—नील, सुनहरी और झिलमिल—उसके पास आईं। रिया ने उनसे जादू नहीं, बल्कि एक सच्चा दोस्त मांगा। परियों ने उसे समझाया कि दोस्ती बांटी जाती है। अगले दिन रिया ने नई लड़की मीरा की तरफ दोस्ती का हाथ बढ़ाया और उसे एक अच्छी सहेली मिल गई।
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परियों का निमंत्रण

नाम: उदय शर्मा | उम्र: 12 वर्ष
रीना को दादी से परियों की कहानियां सुनना बहुत पसंद था। एक शाम जब वह छत पर थी, सुंदर परियां उसके पास आईं और बोलीं, "क्या तुम हमारे साथ सैर करोगी?" परियों ने रीना का हाथ पकड़ा और उसे आसमान में ले गईं। रीना के लिए वह शाम सबसे यादगार बन गई।
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पिंकी और जादुई दावत

नाम: कृष्णा माहेश्वरी | उम्र: 11 वर्ष
पिंकी हमेशा परियों से मिलना चाहती थी। एक रात उसे तीन परियां मिलीं, जो उसे बादलों के ऊपर बने महल में ले गईं। वहां पिंकी ने जादुई दावत का आनंद लिया और बहुत खुश हुई। दूसरों की इच्छाओं को पूरा करना ही मानव धर्म है।
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सितारों का रास्ता

नाम: दिव्यम माहेश्वरी | उम्र: 11 वर्ष
मीनू उड़ना चाहती थी। तीन परियों ने उसका हाथ पकड़ा और उसे बादलों के पार ले गईं। जमीन पर खड़ी रानी परी अपनी जादुई छड़ी से उनके लिए सितारों का रास्ता बना रही थी। मीनू ने उस दिन आसमान का सबसे सुंदर भ्रमण किया।
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किताबों के पंख

नाम: ललित | उम्र: 12 वर्ष
छोटी रिया को परियों ने बताया कि हर बच्चे के अंदर 'मेहनत और विश्वास' का जादू होता है। जब रिया ने पूछा कि वह बड़ी होकर क्या बनेगी, तो परी ने कहा, "जो तू बनना चाहे। अगर पढ़ेगी तो शिक्षिका बनकर दूसरों के सपनों को पंख देगी।" रिया ने समझ लिया कि उड़ान भरने के लिए किताबें ही सबसे बड़े पंख हैं।
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कल्पना और वास्तविकता

नाम: दुर्गेश नंदानी साहू | उम्र: 12 वर्ष
चार सहेलियों ने परियों की तरह उड़ने की कोशिश की और गिर पड़ीं। उनके माता-पिता ने उन्हें शूटिंग दिखाई जहां कलाकार रस्सियों के सहारे उड़ते हैं। बच्चियों को समझ आ गया कि कल्पना अच्छी है, पर अंधी नकल करना खतरनाक हो सकता है। अब वे समझदारी से खेलती हैं।

Updated on:
15 May 2026 12:25 pm
Published on:
15 May 2026 12:23 pm
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