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विशेष अभियान के बाद भी पीएम किसान सम्मान निधि के 50 % किसानों की फार्मर आईडी जनरेट नहीं हो सकी। 1.65 लाख में सिर्फ 69 हजार की बनी फार्मर आईडी, 60 हजार में 26 हजार बुजुर्गों के आयुष्मान कार्ड जनरेट

सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं की प्रगति में नेटवर्क रोडा बना हुआ है। फार्मर आईडी और 70 प्लस बुजुर्गों के आयुष्मान कार्ड निर्माण में नेटवर्क पेंच फंसा है। विशेष अभियान के बाद भी पीएम किसान सम्मान निधि के 50 % किसानों की फार्मर आईडी जनरेट नहीं हो सकी। 1.65 लाख में सिर्फ 69 हजार की बनी फार्मर आईडी, 60 हजार में 26 हजार बुजुर्गों के आयुष्मान कार्ड जनरेट

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Jan 29, 2025
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत फार्मर आईडी बनाने के लिए गांव-गांव शिविर

सरकार की महत्वाकांक्षी : फार्मर आइडी, 70+ बुजुर्गों के आयुष्मान कार्ड में नेटवर्क का रोड़ा, कई गांवों में पिछड़ा कार्य

विशेष अभियान के बाद भी पीएम किसान सम्मान निधि के 50 % किसानों की फार्मर आईडी जनरेट नहीं हो सकी। 1.65 लाख में सिर्फ 69 हजार की बनी फार्मर आईडी, 60 हजार में 26 हजार बुजुर्गों के आयुष्मान कार्ड जनरेट

सिर्फ 69 हजार 500 किसानों की आईडी बनी

पीएम किसान सम्मान निधि के एक लाख 65 हजार 39 किसानों की फार्मर आईडी बननी है। अभी तक सिर्फ 69 हजार 500 किसानों की आईडी बनी है। शेष की प्रक्रिया प्रचलन में हैं। अभियान के दौरान फार्मर आईडी बनाने के दौरान फील्ड में कभी नेटवर्क तो कभी पोर्टल सपोर्ट नहीं कर रहा है। नेटवर्क की दिक्कत सबसे अधिक खालवा के गोलाई माल समेत क्षेत्र के 24 ग्रामों समेत अन्य ब्लाक क्षेत्र में भी कई निचली बस्तियों में नेटवर्क के कारण प्रगति खराब है।

95 हजार की अगले माह नहीं आएगी पीएम सम्मान निधि

फार्मर आईडी जनरेट नहीं होने पर पीएम किसान सम्मान निधि अगले माह से नहीं आने की संभावना है। केंद्र ने पीएम किसान सम्मान निधि में फर्जीवाडा़ रोकने फार्मर आईडी तैयार की जा रही है। जिले में अभी तक 1.65 लाख में सिर्फ 69 हजार की आईडी बनी है। शेष 95 हजार किसानों की आईडी अभी तक नहीं बनी है। आईडी नहीं बनवाने वाले किसानों के खाते में सम्मान निधि नहीं आएगी। खालवा में 31 हजार में सिर्फ दस हजार किसानों की बनी है। किल्लोद में 5268 किसानों में सिर्फ 701 किसान की आईडी बनी है। खंडवा तहसील में 42 हजार में करीब 11 हजार किसानों की आईडी जनरेट हो सकी है।

60 हजार में सिर्फ 26 हजार बुजुर्गों के बने आयुष्मान कार्ड

पोर्टल और ऐप पर नेटवर्क की खराब स्थिति को लेकर 70 प्लास बुजुर्गों के आयुष्मान कार्ड निर्माण की प्रगति ठीक नहीं है।खंडवा के बैतूल जिला की सीमावर्ती क्षेत्र के ग्राम गोलाई माल, बूटी घाट, खाते गांव आदि बस्तियों में नेटवर्क नहीं होने के कारण इन ग्रामों में आयुष्मान के कार्ड नहीं बन पा रहे हैं। अभियान के दौरान 70 हजार में अभी तक सिर्फ करीब 26 हजार के आयुष्मान कार्ड बन सकें हैं। विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार साठ हजार में से करीब दस हजार मृत हो चुके हैं। इसके अलावा साढ़े पांच से अधिक बुजुर्गों का पलायन हो गया है। शेष करीब 45 हजार में 26 हजार के आयुष्मान बन गए है। यानी पचास प्रतिशत कार्ड बनाए जाने का दावा है। सीएमएचओ डॉ ओपी जुगतावत का कहना है कि कार्ड बनाए जाने का अभियान जारी है। खालवा ब्लाक के कुछ क्षेत्र में नेटवर्क का ईशू है। शेष क्षेत्र में अभियान के तहत बनाए जा रहे हैं। कुछ बुजुर्गों के आधार कार्ड अपडेट नहीं है। इस लिए प्रगति धीमी है। ऐसे बुजुर्गों के भी बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

जिम्मेदार बोले, अभियान चल रहा

वर्जन...अंशु जावला, संयुक्त कलेक्टर : फार्मर आईडी बनाने का कार्य चल रहा है। अभी तक 40 प्रतिशत फार्मर की आइडी बन गई है। शेष के बनाए जाने की प्रक्रिया चल रही है। जिन किसानों ने आईडी नहीं बनवाई है। वे संबंधित क्षेत्र के पटवारी से मिलकर आईडी बनावाएं। फार्मर आईडी नहीं बनवाने पर भविष्य में योजनाओं से वंचित हो सकते हैं।

वर्जन...-डॉ ओपी जुगतावत, सीएमएचओ...आयुष्मान कार्ड बनाए जाने की प्रकिया चल रही है। लगभग 50 प्रतिशत बन गए हैं। खालवा ब्लाक के कुछ ग्रामों में नेटवर्क की दिक्कत हैै। उनके भी बनाए जाने की प्रक्रिया चल रही है। प्रगति नहीं बढ़ रही है। इसमें दस्तावेज अपडेट नहीं होने का भी एक कारण है।

Published on:
29 Jan 2025 12:56 pm
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