सर्वे-जगह के अभाव में हो रही परेशानी, खेत में खड़े करने पड़ते हैं ट्रैक्टर-ट्रॉली
बीना. खुरई रोड पर स्थित कृषि उपज मंडी का परिसर अब आवक के अनुसार छोटा पडऩे लगा है, लेकिन अधिकारी इसका विस्तार नहीं कर पा रहे हैं। इस संंबंध में पत्रिका ने किसानों से चचाज़् की, जिसमें अधिकांश किसानों ने मंडी का विस्तार या दूसरी जगह शिफ्ट करने की मांग की है।
कृषि उपज मंडी की कुल 12 एकड़ जमीन है, जिसके तीन एकड़ के हिस्से में अस्पताल संचालित हो रही है। नौ एकड़ के परिसर में गोदाम, शेड, कर्यालय बने हुए हैं, जिससे ज्यादा आवक आने पर यहां वाहन खड़े करने जगह नहीं बचती है। रबी सीजन में तो बाजू के खेत में ट्रैक्टर-ट्रॉली खड़े करने पड़ते हैं। इसके बाद भी यहां परिसर का विस्तार नहीं हो पा रहा है। पूवज़् में बाजू वाले खेत का अधिग्रहण करने का प्रस्ताव तैयार हुआ था, लेकिन मंडी बोडज़् से इसके लिए अनुमति नहीं मिली, जिससे मामला अटक गया है। साथ ही मंडी को दूसरी जगह शिफ्ट करने के लिए जगह नहीं मिल पा रही है, जिसका खामियाजा किसान भुगत रहे हैं। सौ बिस्तरीय अस्पताल का निमाज़्ण होना है और इसके लिए आगासौद रोड पर जगह चिंहित की गई है। यदि ऐसा होता है, तो मंडी की तीन एकड़ जमीन पर संचालित अस्पताल की जमीन मंडी को मिल सकती है, जिससे थोड़ी समस्या कम हो जाएगी। साथ ही करीब एक एकड़ से ज्यादा जमीन मंडी की विवादित थी, जिसका केस मंडी ने जीत लिया है, लेकिन अभी तक कब्जा नहीं मिला है।
सवाल-क्या मंडी का विस्तार होना चाहिए?
89 प्रतिशत हां, 11 प्रतिशत ना
सवाल- क्या दूसरी जगह शहर के पास मंडी शिफ्ट होना चाहिए?
66 प्रतिशत हां, 34 प्रतिशत ना
सवाल- क्या सीजन पर मंडी की जगह कम पडऩे लगी है?
91 प्रतिशत हां, 9 प्रतिशत ना
सवाल-क्या मंडी तक आने-जाने में परेशानी होती है?
72 प्रतिशत हां, 28 प्रतिशत ना
सवाल- क्या आवक के समय मंडी में व्यवस्थाएं सही रहती हैं?
87 प्रतिशत ना, 13 प्रतिशत हां