- हिन्दुमलकोट थाना क्षेत्र में दो साल पहले हुई थी घटना किशोरी से छेड़छाड़ करने पर पांच साल कारावास
श्रीगंगानगर। अन्तरराष्ट्रीय सीमा से सटे हिन्द़ुमलकोट थाना क्षेत्र में एक किशोरी से छेड़छाड़ करने के जुर्म में अदालत ने एक जने को दोषी मानते हुए उसे पांच साल कारावास व सात हजार रुपए जुर्माने की सजा से दंडित किया है। यह निर्णय पोक्सो प्रकरणों की स्पेशल कोर्ट संख्या एक के स्पेशल जज सुरेन्द्र खरे ने सुनाया।
विशिष्ट लोक अभियोजक गुरचरण सिंह रुपाणा ने बताया कि पीडि़ता के पिता ने 10 अक्टूबर 2022 को हिन्दुमलकोट थाने में मामला दर्ज कराया। इसमें बताया कि आठ अक्टूबर 22 को वह और उसकी पत्नी खेत में नरमे की चुगाई के लिए गए हुए थे जबकि उसका बेटा बाहर गया था। ऐसे में घर पर उसकी चौदह वर्षीय बेटी अपने चचेरी छह साल की बहन के साथ थी। चचेरी बहन बच्ची होने के कारण गली में खेलने चली गई। तब मौका पाकर गांव कोनी निवासी सुखविन्द्र सिंह उर्फ सुखा पुत्र करतार सिंह बावरी आया। इस आरोपी ने अकेली घर पर बैठी उसकी बेटी के साथ छेडछा़ड़ करने लगा। उसे पकड़कर कमरे में ले जाने लगा तो उसकी बेटी ने शोर मचाते हुए और किसी तरह खुद को उससे अलग करके घर से बाहर चली गई। गली में आसपास बसे लोग एकत्र हुए तो यह आरोपी सुखा उर्फ सुखविन्द्र सिंह वहां से भाग गया। तत्कालीन एसआई संजीव चौहान ने आरोपी सुखविन्द्र सिंह उर्फ सुखा को गिरफ़तार कर अदालत में चालान पेश किया।
विशिष्ट लोक अभियोजक का कहना था अदालत में विचाराधीन इस मामले के दौरान पीडि़ता समेत सात जनों ने गवाही दी जबकि 15 दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत किए गए। अदालत ने आरोपी सुखविन्द्र सिंह उर्फ सुखा बावरी को दोषी मानते हुए आईपीसी की धारा 451 और धारा 354 में एक-एक वर्ष कारावास व एक-एक हजार रुपए जुर्माना लगाया। वहीं पोक्सो एक्ट की धारा 9 एम और धारा 10 में पांच साल कारावास व पांच हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना की अदायगी नहीं करने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। यह आरोपी गिरफ़तारी से लेकर अब तक न्यायिक अभिरक्षा में हैं। सजा सुनाने के बाद उसे जेल भिजवाया गया।