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उड़ता पहरेदार : अब ड्रोन बताएगा कहां लगेगा जाम, टीम तुरंत होगी अलर्ट

गूगल मैप रियल टाइम ट्रैफिक ट्रैकिंग सिस्टम से स्मार्ट यातायात प्रबंधन की पहल

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Apr 09, 2026

इंदौर. ट्रैफिक पुलिस अब ड्रोन से गूगल मैप रियल टाइम ट्रैफिक ट्रैकिंग सिस्टम का उपयोग कर सड़कों को जाम से बचाने की योजना तैयार कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि पीक ऑवर्स में ड्रोन से ट्रैफिक जाम होने की स्थिति को भांपते हुए पहले ही टीम तैनात कर दी जाती है।गूगल मैप रियल टाइम ट्रैफिक ट्रैकिंग सिस्टम का प्रभावी उपयोग किया जा रहा है, जिसके जरिए विभिन्न मार्गों पर यातायात की वास्तविक स्थिति का आंकलन किया जा रहा है। डीसीपी (ट्रैफिक) राजेश कुमार त्रिपाठी ने बताया, पूरे शहर में ड्रोन कैमरों से मॉनिटरिंग की जाएगी। गूगल मैप रियल टाइम ट्रैफिक ट्रैकिंग सिस्टम की मदद से ड्रोन के साथ तैनात पुलिसकर्मी सूचना देगा। उसी के आधार पर टीम आगे कार्रवाई करेगी। शुरुआत में कुछ हिस्सों को शामिल किया है। आगामी दिनों में इसके लिए पूरे शहर में जाम लगने वाले चौराहों पर ड्रोन यूनिट तैनात की जाएगी।

क्या है रियल टाइम ट्रैफिक ट्रैकिंग सिस्टम?

यह एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है जो मोबाइल लोकेशन, डेटा व जीपीएस तकनीक से सड़कों पर चल रहे वाहनों की गति व घनत्व का विश्लेषण करता है। इसके आधार पर संबंधित मार्गों की स्थिति को रंगों के माध्यम से प्रदर्शित किया जाता है।

ट्रैफिक संकेतों का अर्थ

हरा: यातायात सामान्य व सुचारू रूप से संचालित

पीला : यातायात धीमी गति से चल रहा है

गहरा लाल : अत्यधिक यातायात दबाव / रुका यातायात की स्थिति

कैसे मदद करेगा यह सिस्टम ?

- शहर के भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों की तुरंत पहचान संभव

- यातायात दबाव का संकेत मिलते ही पेट्रोलिंग टीमें मौके पर त्वरित पहुंचेंगी। यातायात को कम करने के लिए डायवर्जन एवं मैन्युअल नियंत्रण समय रहते किया जा सकेगा।

- प्रमुख चौराहों एवं मार्गों पर सुगम आवागमन सुनिश्चित किया जाएगा- आकस्मिक परिस्थितियों (दुर्घटना, खराब वाहन आदि) में त्वरित प्रतिक्रिया (क्विक रिस्पांस) संभव

Published on:
09 Apr 2026 06:33 pm
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