सरकारी विद्यालयों से अधिक से अधिक बच्चे जुड़े इसको लेकर राज्य सरकार विभिन्न योजनाएं चलाती है तो प्रवेशोत्सव से भी शिक्षकों को लक्ष्य दिया जाता है। बावजूद इसके इस सत्र में बच्चों का नामांकन बढ़ने की जगह कम हो गया है। पहली से बारहवीं कक्षा में 3 लाख 95 हजार बच्चे पिछले साल के मुकाबले कम नामांकित हुए हैं। शिक्षा विभाग की चिंता नामांकन वृदि्ध से ज्यादा पिछले साल के नामांकन तक पहुंचना है। गौरतलब है कि पिछले साल करीब 81 लाख 31 हजार बच्चे सरकारी विद्यालयों में अध्ययनरत थे। जबकि वर्तमान सत्र में अब तक 77.36 लाख बच्चे ही नामांकित है।
एक तरफ सरकार नामांकन वृदि्ध को लेकर प्रवेशोत्सव कार्यक्रम चला रही है तो दूसरी ओर सरकारी विद्यालयों में नामांकन बढ़ने की जगह कम हो रहा है। अब तक प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में पिछले सत्र के मुकाबले करीब चार लाख बच्चे कम हो गए हैं। ऐसे में सरकार ने प्रवेशोत्सव के द्वितीय चरण में नामांकन वृदि्ध को लेकर निर्देश जारी कर आंगनबाड़ी केन्द्रों में अध्ययनरत छह साल तक के बच्चों, ड्राॅप आउट, स्कूलों में पढ़ने योग्य बच्चों को प्रवेशोत्सव के द्वितीय चरण में सरकारी विद्यालयों से जोड़ने को कहा है, जिससे कि नामांकन बढ़ सके। सरकारी विद्यालयों से अधिक से अधिक बच्चे जुड़े इसको लेकर राज्य सरकार विभिन्न योजनाएं चलाती है तो प्रवेशोत्सव से भी शिक्षकों को लक्ष्य दिया जाता है। बावजूद इसके इस सत्र में बच्चों का नामांकन बढ़ने की जगह कम हो गया है। पहली से बारहवीं कक्षा में 3 लाख 95 हजार बच्चे पिछले साल के मुकाबले कम नामांकित हुए हैं। शिक्षा विभाग की चिंता नामांकन वृदि्ध से ज्यादा पिछले साल के नामांकन तक पहुंचना है। गौरतलब है कि पिछले साल करीब 81 लाख 31 हजार बच्चे सरकारी विद्यालयों में अध्ययनरत थे। जबकि वर्तमान सत्र में अब तक 77.36 लाख बच्चे ही नामांकित है। उक्त आंकड़े 9 अगस्त तक के हैं।
आधे जिलों में औसत से कम नामांकन
- प्रदेश में 17 जुलाई से अब तक करीब 41 फीसदी नामांकन में बढ़ोतरी हुई है। बावजूद इसके प्रदेश के 16 जिलों में उक्त अवधि में नामांकन वृदि्ध इससे भी कम रही है। टोंक, दौसा, नागौर, जोधपुर, बूंदी, गंगानगर, झालावाड़, जैसलमेर, पाली, चित्तौड़गढ़, बाड़मेर, भीलवाड़ा, राजसमंद, उदयपुर, प्रतापगढ़, डूंगरपुर व बांसवाड़ा में प्रदेश के औसत से कम नामांकन इस अवधि में हुआ है।
द्वितीय चरण में नामांकन बढाने पर फोकस
- प्रवेशोत्सव के द्वितीय चरण में हमारा ध्यान नामांकन वृदि्ध पर रहेगा। जिले की प्रदेश के अन्य जिलों के मुकाबले िस्थति ठीक है, करीब 12-13 हजार शिक्षा योग्य बच्चे चिह्नित किए गए हैं जो 3 से 18 वर्ष तक के हैं। इनमें से पांच साल तक के बच्चों को आंगनबाड़ी व शेष को स्कूलों से जोड़ा जाएगा। पिछले साल के मुकाबले इस बार भी नामांकन कम नहीं रहेगा, ऐसा प्रयास है।
- मुरलीधर यादव, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक शिक्षा मुख्यालय बाड़मेर
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