मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट हनुमानगढ़ ने सुनाया फैसला, वर्ष 2008 का एस्कॉर्ट टीम पर हमला कर महिला का अपहरण करने का प्रकरण
हनुमानगढ़. पुलिस जाप्ते पर हमला कर महिला के अपहरण मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्टे्रट हनुमानगढ़ सुनीता बेड़ा ने अधिवक्ता पिता-पुत्र सहित तीन जनों को विभिन्न धाराओं में दोषी करार देते हुए सजा सुनाई। साथ ही उन पर अर्थदंड भी लगाया है जो अदा नहीं करने पर दोषियों को अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। इस प्रकरण में एक आरोपी को संदेह का लाभ देकर बरी कर दिया गया। जबकि एक अन्य आरोपी की ट्रायल के दौरान मृत्यु हो गई। परिवादी की ओर से एडवोकेट जोधा सिंह ने पैरवी की।
प्रकरण के अनुसार नवम्बर 2008 में राजस्थान उच्च न्यायालय ने पुलिस एस्कॉर्ट के जरिए एडवोकेट हेमलता को याचिकाकर्ता शैलेन्द्र यादव के पास पहुंचाने का आदेश दिया गया था। इस आदेश की पालना में गठित एस्कॉर्ट टीम पर हमला कर उनके कब्जे से हेमलता का अपहरण कर लिया गया। इस संबंध में हेम सिंह पुत्र ब्रहमाचन्द निवासी वार्ड नौ सेक्टर 12 जंक्शन, रोहित सिंह पुत्र हेम सिंह, मोहम्मद मुस्ताक पुत्र वजन अली निवासी वार्ड तीन नई खुंजा निवासी, लक्ष्मण सिंह पुत्र दाउ सिंह निवासी बीकानेर, शीशुपाल सिंह उर्फ दारा सिंह पुत्र बिरजू सिंह निवासी नाथांवाली थेहड़ी तथा परविन्द्र सिंह पुत्र रणजीत सिंह निवासी लालगढ़ जाटान के खिलाफ अपहरण, मारपीट, आम्र्स एक्ट आदि में मामला दर्ज कराया गया था।
न्यायालय ने सुनवाई के बाद हेम सिंह, रोहित सिंह तथा मोहम्मद मुस्ताक को तीनों को धारा 365/149 तथा 120 में तीन साल कारावास व 50-50 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। इसके अलावा धारा 332 में एक वर्ष, 353 में एक वर्ष, 323/149 व 341/149 में एक-एक माह तथा धारा 147 में छह माह करावास की सजा सुनाई। साथ ही अर्थदंड से भी दंडित किया गया है। इसके अलावा शीशुपाल सिंह उर्फ दारा सिंह को धारा 365/149, 323/149 आदि धाराओं में दोषी करार देकर सजा सुनाई गई है। मामले की सुनवाई के दौरान आरोपी लक्ष्मण सिंह की मृत्यु हो गई। जबकि आरोपी परविन्द्र सिंह को दोष मुक्त कर दिया गया।
हनुमानगढ़. कृषि भूमि बेचान के नाम पर सवा करोड़ रुपए की ठगी को लेकर हनुमानगढ़ के गांव अमरपुरा थेहड़ी के ग्रामीण सहित दो जनों के खिलाफ सिरसा के सदर थाने में विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया। पुलिस के अनुसार नरेन्द्र कुमार पुत्र बाबूराम गुप्ता निवासी नंदन वाटिका, सिरसा ने का आरोप है कि हरदयालसिंह शेखावत पुत्र गिरधारीसिंह शेखावत निवासी अमरपुरा थेड़ी पीएस हनुमानगढ़ टाउन से उसका दोस्ताना था। इसके चलते हरदयाल सिंह ने अपने दामाद अभिनय राठौड़ पुत्र ठाकूर अशोपत सिंह निवासी गांव बाजेकां हाल सिरसा को पैसों की जरूरत होने पर उससे अगस्त 2021 में एक करोड़ रुपए की मांग की। दोस्ताना संबंधों के चलते उक्त राशि अभियन राठौड़ के अलग-अलग खातों में जमा करवा दी। यह राशि छह माह के लिए उधार ली थी। मगर नवम्बर 2021 में आरोपियों ने 25 लाख रुपए की और मांग की जो खाते में जमा करवा दी। तय तिथि बीतने के बावजूद आरोपियों ने राशि नहीं लौटाई। निरंतर तकादा किया तो आरोपी हरदयाल सिंह ने गांव बाजेकां, सिरसा स्थित अपनी कृषि भूमि उधार ली गई राशि के एवज में विक्रय करने की बात कही। इस संबंध में लिखत पढ़त भी कराई गई। इकरारनामा आरोपी हरदयाल सिंह नोटेरी से अटेस्टेड करवा कर देने की बात कहकर ले गया। मगर आरोपियों ने ना तो इकरारनामा लौटाया और ना ही उसकी सवा करोड़ रुपए की राशि लौटाई। आरोपियों ने अपनी कृषि भूमि भी किसी अन्य को बेच दी। राशि मांगने पर आरोपियों ने उसको जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने आरोपों के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।