-लगातार तीन सालों से विदेशी छात्रों में इजाफा, अफ्रीका के 22 देशों के विद्यार्थी कर रहे पढ़ाई
Ahmedabad. गुजरात तकनीकी विश्वविद्यालय (जीटीयू) विदेशी विद्यार्थियों की पसंद बनकर उभर रहा है। बीते तीन वर्षों से जीटीयू में विदेशी विद्यार्थियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इनमें बांग्लादेश के विद्यार्थियों की संख्या सर्वाधिक है, जबकि अफ्रीका के 22 देशों से भी छात्र यहां पढ़ाई करने आए हैं। वर्ष 2023-24 में 111 विदेशी विद्यार्थियों ने जीटीयू में प्रवेश लिया था, जो वर्ष 2024-25 में 37 फीसदी बढ़कर 153 हो गए। वर्ष 2025-26 में विदेशी छात्रों की संख्या 173 तक पहुंच गई।
जीटीयू में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों में सबसे ज्यादा संख्या बांग्लादेश के विद्यार्थी हैं। दो वर्ष पहले इस पड़ोसी देश के 19 छात्रों ने दाखिला लिया। वहीं गत वर्ष यह संख्या 54 रही। इस वर्ष यह संख्या 48 है। वर्ष 2025-26 में 29 देशों के विद्यार्थियों ने जीटीयू में प्रवेश लिया है। इसमें अफ्रीका के देशों के विद्यार्थियों की संख्या 22 है। इनमें साउथ सूडान के 13 व तंजानिया के 11 शामिल हैं। 2023-24 में कुल 27 देशों में से सबसे ज्यादा 18 और 2024-25 में 31 देशों में से 23 अफ्रीकी महादेश के विद्यार्थी हैं।
कोर्स की बात करें तो इन विदेशी विद्यार्थियों की जीटीयू में पहली पसंद बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (बीई) है। 2023-24 में 111 विद्यार्थियों में से 91 ने, 2024-25 में 153 में से 109 और 2025-26 में 173 में से 110 ने बीई में दाखिला लिया। दूसरी सबसे ज्यादा संख्या बेचलर ऑफ फार्मेसी (बीफार्म) कोर्स की है।
जीटीयू में पढ़ाई के लिए विदेश से आने वालीं छात्राओं की संख्या भी बढ़ी है। वर्ष 2024-25 में जीटीयू में 48 छात्राओं ने प्रवेश लिया था, यह संख्या वर्ष 2025-26 में बढ़कर 57 हो गई है। इस वर्ष इन छात्राओं की हिस्सेदारी 33 फीसदी की रही। भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद के जरिए विदेशी विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाता है।
जीटीयू के इंटरनेशनल रिलेशन के डिप्टी रजिस्ट्रार डॉ.केयूर दर्जी ने बताया कि यह दर्शाता है कि जीटीयू की गुणवत्तायुक्त शिक्षा विदेशी विद्यार्थियों को पसंद आ रही है। विदेशी छात्राओं का जीटीयू की शिक्षा और गुजरात के सुरक्षित माहौल पर भरोसा बढ़ा है।
विदेशी विद्यार्थियों और छात्राओं की शिक्षा के साथ जीटीयू उनकी सुरक्षा को भी प्राथमिकता देता है। संबंधित कॉलेजों में विदेशी विद्यार्थियों की सभी प्रकार की समस्याएं हल करने को एक समर्पित प्रोफेसर है। विवि में पूरी समर्पित टीम है, जो उनसे संपर्क में रहती है।
-डॉ.के.एन.खेर, कुलसचिव, जीटीयू