हिमाचल प्रदेश में इस मानसून सीजन में अब तक रिकॉर्ड बारिश हुई है।
शिमला. हिमाचल प्रदेश में इस मानसून सीजन में अब तक रिकॉर्ड बारिश हुई है। पिछले दो सप्ताह में 45 लोग जान गंवा चुके हैं। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र की रिपोर्ट के मुताबिक कांगड़ा जिला में सबसे ज्यादा 11 लोगों की मौत हुई है। सोलन व कुल्लू में 6-6 , बिलासपुर में पांच, मंडी में चार, ऊना में चार, सिरमौर में तीन, चम्बा व किन्नौर में दो-दो और हमीरपुर व शिमला में एक-एक व्यक्ति की मौत हो गई।
आपातकालीन परिचालन केंद्र के प्रवक्ता ने बताया कि बारिश से संबंधित घटनाओं में डूबना, सड़क दुर्घटनाएं और ऊंचाई से गिरना शामिल है। उन्होंने बताया कि 23 लोगों की सड़क दुर्घटनाओं, आठ लोगों की बहने, ऊंचाई से गिरने के कारण छह, बिजली की चपेट में आने से चार और सर्प दंश से तीन लोगों की मौत हुई है। उन्होंने कहा कि विभिन्न हादसों में अब तक 68 लोग घायल हुए हैं, जबकि दो अब भी लापता हैं।
प्रवक्ता के मुताबिक मानसूनी वर्षा से पहाड़ी राज्य में 57 कच्चे-पक्के घर क्षतिग्रस्त हुए हैं। इनमें 10 घर पूरी तरह तबाह हो गए, जबकि 47 घरों को आंशिक तौर पर नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा 51 पशुशाला और चार दुकानें भी ध्वस्त हुई हैं। उन्होंने बताया कि बारिश के कारण राज्य में अब तक 171 करोड़ का नुकसान हुआ है। सबसे ज्यादा नुकसान 101 करोड़ रुपए का लोक निर्माण विभाग को हुआ है। जबकि जलशक्ति विभाग को 6255 लाख रुपए का नुकसान पहुंचा है। राहत की बात यह है कि राज्य में मानसून सीजन में अब तक भूस्खलन, फ्लैश फ्लड, बादल फटने और आसमानी बिजली की वजह से कोई मौत नहीं हुई है।
सड़कों के अवरूद्ध होने से वाहनों की आवाजाही ठप
राज्य में भूस्खलन से गुरूवार सुबह तक भूस्खन से 12 सड़कों के अवरूद्ध होने से वाहनों की आवाजाही ठप रही। इसके अलावा छह बिजली ट्रांसफार्मर और एक पेयजल परियोजना बाधित है। रिपोर्ट में कहा गया है कि शिमला जिला में पांच, मंडी में चार और कांगड़ा में तीन सड़कें अवरूद्ध हुई हैं। चंबा जिला में चार और कुल्लू व मंडी में एक-एक ट्रांसफार्मरों के बंद होने से बिजली आपूर्ति बाधित हुई है। बिलासपुर जिला में एक पेयजल आपूर्ति भी ठप पड़ी है। राज्य में पिछले तीन दिनों से मानसून के मंद पड़ने से जोरदार वर्षा नहीं हुई है।
कसौली में सर्वाधिक 38 मिलीमीटर वर्षा
पिछले 24 घण्टों के दौरान सोलन जिला के कसौली में सर्वाधिक 38 मिलीमीटर वर्षा हुई है। इसके अलावा सिरमौर जिला के पांवटा साहिब में 22 व नाहन में 13, कांगड़ा जिला के मुख्यालय धर्मशाला में नौ मिलीमीटर वर्षा रिकार्ड हुई है। मौसम विभाग ने अगले पांच दिन मानसून के रफ्तार पकड़ने का अनुमान जताया है। अगले दो दिन यानी 12 व 13 जुलाई को राज्य में भारी वर्षा का येलो अलर्ट जारी किया गया है। 17 जुलाई तक मौसम के खराब रहने के आसार हैं।