करोड़ों रुपए की जीएसटी बकाया होने का हवाला देते हुए आंबुर की एक महिला का एसबीआई बैंक खाता फ्रीज कर दिया गया। इस घटना से मुबीना फजलुरहमान नामक यह महिला सदमे में है।
करोड़ों रुपए की जीएसटी बकाया होने का हवाला देते हुए आंबुर की एक महिला का एसबीआई बैंक खाता फ्रीज कर दिया गया। इस घटना से मुबीना फजलुरहमान नामक यह महिला सदमे में है। सूत्रों के मुताबिक उसने यह खाता गैस सब्सिडी आदि सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए खोला था। इस बारे में 15 हजार प्रति महीने की नौकरी करने वाले उसके पति नियाज अहमद ने बताया कि इस महीने के तीसरे सप्ताह में हमे एसबीआई की ओर से बैंक खाता फ्रीज किए जाने का संदेश मिला। बैंक में पूछताछ करने पर हमें बताया गया कि हमारे नाम पर गुडियाट्टम रोड, पेरनामबट के पते पर एमआरके एंटरप्राइजेज नामक एक कंपनी चलाई जा रही है और जीएसटी के रूप में इस कंपनी पर 4,46,21,048 रुपए बकाए हैं। यह जानकारी मिलने के बाद दंपति ने इस संबंध में एसपी कार्यालय और वेलूर के जीएसटी कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई।
पति करता है 15000 रुपए महीने की नौकरी अहमद ने बताया कि मैं 15,000 रुपए प्रति माह की पगार पर अपनी पत्नी और तीन बच्चों के साथ 4500 रुपए महीने के किराए के मकान में रहता हूं। मेरे तीनों बच्चे सरकारी स्कूल में पढ़ते हैं। सरकार की ओर से कलैंजर मगलिर उरिमै तिट्टम योजना के तहत हर महीने मिलने वाली 1000 रुपए की आर्थिक मदद हमारे परिवार के लिए बड़ा सहारा है।
हाल के वर्षों में बढ़े हैं ऐसे मामले
जीएसटी कार्यालय के एक अधिकारी ने बताया कि कंपनी चलाने के लिए महिला के पैन कार्ड, आधार कार्ड और बैंक खाते का दुरुपयोग किया गया है। हाल के वर्षों में इस तरह की धोखाधड़ी बढ़ गई है।
पुलिस कर रही है मुस्तैदी से जांच
तिरुपत्तूर के एसपी अल्बर्ट जॉन ने बताया कि इस साल हमें तीन से चार ऐसे ही मामले मिले हैं। इसके अलावा पिछले साल भी इस तरह के दो से तीन मामले मिले थे। मामले का पता लगाने और दोषियों को पकड़ने के लिए तिरुपत्तूर अपराध शाखा का गंभीर अपराध दस्ता पूरी मुस्तैदी के साथ इसकी जांच कर रहा है।