भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास (आइआइटी मद्रास) का 10वां वार्षिक उद्यमिता शीर्ष सम्मेलन (ई-समिट ’25) के दौरान ‘डिकेड ऑफ डायनामिज्म’ का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन 28 फरवरी से 2 मार्च 2025 तक संस्थान परिसर में होगा। इस समिट में पूरे भारत के 1,000 से अधिक फाउंडर, 50 से अधिक निवेशकों और 400 से ज्यादा कॉलेजों […]
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास (आइआइटी मद्रास) का 10वां वार्षिक उद्यमिता शीर्ष सम्मेलन (ई-समिट ’25) के दौरान ‘डिकेड ऑफ डायनामिज्म’ का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन 28 फरवरी से 2 मार्च 2025 तक संस्थान परिसर में होगा। इस समिट में पूरे भारत के 1,000 से अधिक फाउंडर, 50 से अधिक निवेशकों और 400 से ज्यादा कॉलेजों के 15,000 विद्यार्थियों के भाग लेने की उम्मीद है। ई-समिट 2025 की आधिकारिक घोषणा संस्थान के निदेशक प्रो. वी. कामकोटि ने मंगलवार को संवाददाता सम्मेलन में की। इस दौरान डीन ऑफ स्टूडेंट्स प्रो. सत्यनारायण एन गुम्मादी, आइआइटी मद्रास की ई-सेल में सलाहकार प्रो. ऋचा अग्रवाल और कई स्टुडेंट लीडर भी मौजूद थे।
इनोवेटिव आइडिया जानने का मंच
कामकोटि ने कहा, ‘‘भारत को प्रौद्योगिकी में संप्रभु बनाने के लिए हमें एक उत्पाद प्रधान राष्ट्र और एक स्टार्टअप राष्ट्र बनना होगा। यह उद्यमिता का एक अखिल भारतीय शीर्ष सम्मेलन है। ऐसे इनोवेटिव आइडिया को समझने और प्रदर्शित करने का विशेष प्लैटफॉर्म है, जिनके अंदर स्टार्टअप बनने की संभावना है।’’
पांच मिनट में जुटा सकेंगे फंड
प्रो. सत्यनारायण एन गुम्मादी ने कहा, ‘‘ई-सेल की पूरी टीम ने कड़ी मेहनत की और मैं इसके 10वें आयोजन की शानदार सफलता की कामना करता हूं। ई-समिट 25 में इसका पहला लाइव फंडरेजिंग इवेंट ‘पिचफेस्ट’ होगा, जिसमें पूरे देश के सबसे होनहार स्टार्ट-अप्स प्रमुख एंजेल इन्वेस्टरों से फंडिंग के लिए प्रतिस्पर्धा करेंगे। इस दौरान वे एक लाइव ऑडियंस के सामने अपने इनोवेटिव आइडिया पेश करेंगे। यहां प्रतिभागी स्टार्टअप्स के लिए सिर्फ 5 मिनट में फंड जुटाने का सुनहरा अवसर होगा। ई-समिट 2025 में पहली बार एक ‘बिज़-बाज़ार’ भी होगा जहां विद्यार्थी अपनी कृतियों की प्रदर्शनी और बिक्री कर सकते हैं।