साढ़े उन्नीस लाख रुपए से ज्यादा की हुई थी ठगी, साइबर थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर ठगी गई रकम में से नौ लाख रुपए कराए रिफंड
हनुमानगढ़. ऑनलाइन ट्रेडिंग का झांसा देकर नौ लाख रुपए से अधिक राशि ठगने के मामले में साइबर थाना पुलिस ने परिवादी को राहत दिलाते हुए रिफंड कराने में सफलता हासिल की है। थाना प्रभारी डीएसपी अरूण कुमार ने बताया कि 29 अगस्त को सरकारी शिक्षक अभिषेक पुत्र पवन कुमार निवासी राजगढ़ जिला चूरू हाल जंक्शन ने रिपोर्ट दी कि फेसबुक चलाते समय एड आई कि ऑनलाईन ट्रेडिंग करो और लाभ कमाओ। जब एड को देखा तो उसके बाद वाट्सअप पर कोटक क्लब इन्वेस्टमेंट नाम के ग्रुप में एड किया गया। उसमें कहा गया कि पैसे का निवेश करो, उस पर लाभ मिलेगा। परिवादी ने अपने चार खातों से कोटक क्लब में जुलाई से अगस्त के बीच अलग तिथि को कुल आठ ट्रांजेक्शन के जरिए 19,69,092 रुपए जमा करवा दिए। बाद में पता लगा कि कोई निवेश वगैरह नहीं कराया गया बल्कि साइबर फ्रॉड किया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर कांस्टेबल पंकज कुमार व गजराज सिंह को जांच सौंपी।
पुलिस ने सर्वप्रथम परिवादी से खाते संबंधी आवश्यक जानकारी प्राप्त कर संबंधित बैंकों के नोडल अधिकारियों से पत्राचार कर ठगी करने वाले का खाता सीज करवाया। उसके खातों में ठगी गई राशि को होल्ड करवा दिया। इसके बाद ठगी गई राशि रिफंड करवाने के लिए नियमानुसार कार्रवाई कर संबंधित नोडल अधिकारियों से पत्राचार किया। फिर कोर्ट के आदेश पर परिवादी अभिषेक के खाता में 09,49,092 रुपए रिफंड कराए। मामले की जांच जारी है।
साइबर थाना प्रभारी डीएसपी अरूण कुमार ने बताया कि टेलीग्राम व व्हाट्सएप पर लिंक भेजकर बिटकॉइन, यूएसडीटी, शेयर मार्केट में निवेश कर तीन से पांच गुणा मुनाफा कमाने का लालच देकर निवेश करवाया जाता है। इसमें शुरू में पीडि़त को छोटी-छोटी रकम के बदले बहुत अच्छा लाभ देकर अपने जाल में फंसाया जाता है। फिर ज्यादा निवेश करने पर ठगी कर ली जाती है। अत: इजी मनी के चक्कर में आकर अपनी मेहनत की कमाई को ना गवाए। निवेश करते समय हमेशा पूर्ण सावधानी बरतें। विश्वसनीय स्रोतों पर ही निवेश करें।
डीएसपी ने बताया कि आपका बैंक खाता अहस्तांतरणीय है। अपना बैंक खाता किसी दूसरे व्यक्ति या फर्म को किराए पर या अन्य तरीके से उपयोग के लिए देना गैर कानूनी है। किसी दूसरे व्यक्ति द्वारा खाते का उपयोग जुआ, तस्करी, साइबर ठगी, हवाला, आंतकवाद के लिए फडिंग, विदेशों में फडिंग, गैंगस्टरों द्वारा फिरौती जैसी गैर कानूनी गतिविधियों में धन मुहैया करवाने के लिए प्रयुक्त किया जा सकता है। इस पर खाताधारक मनी लॉड्रिंग, देशद्रोह, अश्लील सामग्री प्रकाशन, तस्करी एवं वित्तीय धोखाधड़ी जैसे गम्भीर मामलों में अपराधी बन सकता है। अत: अपना बैंक खाता कभी-भी किसी को ना देवें।