सरिस्का टाइगर रिजर्व के आसपास सरकारी जमीन पर बने होटल-रेस्टोरेंट व रिसॉर्ट आदि को गिराने के निर्देश प्रशासन ने जारी कर दिए। कहा, पहले संबंधित प्रतिष्ठान संचालक को एक सप्ताह का नोटिस दिया जाए और उसके बाद संबंधित एसडीएम अतिक्रमण हटाएं।
- प्रशासन एक्शन के मोड में, सभी एसडीएम से कहा, नोटिस देकर आगे की कार्रवाई अमल में लाएं
- अलवर, राजगढ़, मालाखेड़ा, बानसूर, नारायणपुर एसडीएम को करनी है कार्रवाई, इन्हीं के एरिया में होटल
सरिस्का टाइगर रिजर्व के आसपास सरकारी जमीन पर बने होटल-रेस्टोरेंट व रिसॉर्ट आदि को गिराने के निर्देश प्रशासन ने जारी कर दिए। कहा, पहले संबंधित प्रतिष्ठान संचालक को एक सप्ताह का नोटिस दिया जाए और उसके बाद संबंधित एसडीएम अतिक्रमण हटाएं। बताते हैं कि पहले चरण में कार्रवाई की जद में 100 से ज्यादा होटल आ रहे हैं। इस निर्देश के बाद होटल संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है।
यहां ऐसे होगी कार्रवाई
- राजगढ़ उपखंड के अंतर्गत सरिस्का की टहला, अजबगढ़ रेंज आती है। यहां का सर्वे पूरा हो गया। करीब दो दर्जन होटल सरकारी जमीन पर बने हैं। कुछ वन विभाग की जमीन पर भी खड़े हैं। नदी, श्मशान घाट की जमीन पर भी कुछ ने कब्जा किया है। इस एरिया में सरिस्का के पूर्व अधिकारियों ने होटल संचालित किए हैं। साथ ही कुछ दूसरे जिलों में कार्यरत अधिकारियों ने भी रिसॉर्ट खोल लिए। यह सब कार्रवाई के दायरे में आ रहे हैं।
- इसी तरह अलवर उपखंड में सिलीसेढ़, अकबरपुर व डडीकर एरिया आ रहे हैं। यहां भी 25 से ज्यादा होटल-रेस्टोरेंट सरिस्का के बफर जोन में बने हुए हैं। यहां कार्रवाई वन विभाग के अलावा प्रशासन मिलकर करेगा। सिलीसेढ़ में ही 16 बड़े होटल इस कार्रवाई में आ गए हैं।
- बानसूर, नारायणपुर उपखंड के अंतर्गत भी 40 से ज्यादा होटल अतिक्रमण की जद में आए हैं। यहां सरिस्का का बफर एरिया है, जिसमें बहुतायत में होटल बनाए गए हैं। मानजनित गतिविधियों के कारण वन्यजीव यहां प्रभावित हो रहे हैं।
- थानागाजी उपखंड में करीब 20 होटल बनाए गए हैं। कुछ सरकारी जमीन पर खड़े हैं तो कुछ सरिस्का के बफर एरिया में। इन पर भी अब गाज गिरने जा रही है।
नदी, नाला, पहाड़ की जमीन होगी कब्जा मुक्त
दर्जनों होटल ऐसे आए हैं जो नदी, नाला, पहाड़, सिवायचक की जमीन पर बने हैं। कुछ रिसॉर्ट भी संचालित हैं। कुछ जगह जमीन खरीदी गई है लेकिन खाली है। इन सभी का कब्जा हटाया जाएगा। टहला, डांगरवाड़ा, अजबगढ़ एरिया में काफी प्रतिष्ठान ऐसे मिले हैं। इन एरिया में कई होटलों को सर्वे के दायरे से बाहर करने के भी आरोप लग रहे हैं। बताते हैं कि कुछ अफसरों के होटल यहां चल रहे हैं। कुछ पांच सितारा होटल भी कार्रवाई की जद में आ रहे हैं।
सीईसी को बफर जोन में चलते मिले होटल
सेंट्रल एम्पावर्ड कमेटी (सीईसी) ने पिछले माह सरिस्का के आसपास के एरिया का भ्रमण किया। टीम ने पाया कि राजगढ़, मालाखेड़ा, अलवर, बानसूर, नारायणपुर उपखंडों में कई होटल चल रहे हैं। कई निर्माणाधीन हैं। सिलीसेढ़ एरिया में ज्यादा होटल मिलने पर हैरत जाहिर की है। किशनपुर, पैतपुर, देहलावास, सिरावास, मनावास, अजबगढ़ में होटलों का संचालन धड्ल्ले से हो रहा है। लोगों की आवक से वन्यजीव विचलित हो रहे हैं।
सर्वे रिपोर्ट के आधार पर सरकारी जमीन पर जहां-जहां अतिक्रमण किया गया है, उन्हें हटाने के लिए संबंधित एसडीएम को निर्देश दिए गए हैं। एसडीएम के स्तर से ही सभी कार्रवाई होनी हैं। वही सक्षम अधिकारी हैं। फोर्स से लेकर अन्य मदद की जहां आवश्यकता होगी, वह मुहैया कराएंगे।
-- वीरेंद्र वर्मा, एडीएम प्रथम