छतरपुर

इंटर-स्टेट बस टर्मिनल : पीपीआर शासन को भेजी गई, नया डीपीआर तैयार होते ही कार्य धरातल पर उतरेगा

2021 से इस परियोजना को लेकर विभिन्न विकल्पों पर विचार चलता रहा। प्रारंभिक प्रस्तावों में बगीता क्षेत्र में बस स्टैंड निर्माण पर विवाद उठने के बाद, प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने सौरा को फाइनल स्थल के रूप में चुना।

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Sep 17, 2025
आईएसबीटी के लिए प्रस्तावित स्थल

शहर के सौरा क्षेत्र में केंद्रीय विद्यालय के पीछे प्रस्तावित इंटर-स्टेट बस टर्मिनल (आईएसबीटी) का निर्माण, लंबे समय से चर्चा और योजना के बाद अब धरातल पर उतरने की राह पर है। पिछले कई वर्षों से शहर में सार्वजनिक परिवहन और बस स्टैंड के अभाव को लेकर जटिल परिस्थितियां बनती रही हैं। 2021 से इस परियोजना को लेकर विभिन्न विकल्पों पर विचार चलता रहा। प्रारंभिक प्रस्तावों में बगीता क्षेत्र में बस स्टैंड निर्माण पर विवाद उठने के बाद, प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने सौरा को फाइनल स्थल के रूप में चुना।

पीपीआर शासन को भेजी गई, मंजूरी के बाद निर्माण शुरू

हाउसिंग बोर्ड ने आईएसबीटी के लिए प्रोजेक्ट प्रेजेंटेशन रिपोर्ट (पीपीआर) शासन को भेज दी है। कलेक्टर पार्थ जैसवाल की पहल पर यह कदम उठाया गया। विशेषज्ञों के अनुसार पीपीआर को शासन स्तर से अनुमोदन मिलने के बाद डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार होगी और निर्माण कार्य तत्काल प्रारंभ होगा। हाउसिंग बोर्ड के कार्यकारी अभियंता एमएल अहिरवार ने बताया कि आईएसबीटी का अनुमानित निर्माण मूल्य अब लगभग 75 करोड़ रुपए तक पहुंच चुका है, जो पांच वर्षों में करीब 15 करोड़ रुपए की वृद्धि को दर्शाता है।

ड्राइंग और डिजाइन- नई तकनीक और विशेषज्ञता के साथ

आईएसबीटी के लिए हाउसिंग बोर्ड ने पहले चरण में टेंडर प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया है। इसके तहत एक कंसल्टेंसी एजेंसी को नियुक्त किया जाएगा, जो स्थल का दौरा कर विस्तृत योजना (डीपीआर) तैयार करेगी। पुर्नघनत्वीकरण योजना के अंतर्गत जमीन की बाजार कीमतों का आंकलन कर डीपीआर तैयार होगी। ड्राइंग और डिजाइन के ब्लू प्रिंट ऑनलाइन टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से तैयार किए जाएंगे, ताकि निर्माण कार्य में उच्च गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित हो।

पुर्नघनत्वीकरण योजना के तहत जमीन का योगदान

हाउसिंग बोर्ड के अनुसार आईएसबीटी निर्माण के लिए प्रशासन ने पुराने एसबीआई बैंक के पास की जमीन पहले ही उपलब्ध कराई है। इस योजना के तहत जमीन का उपयोग निर्माण लागत के रूप में किया जाएगा। इसके कारण हाउसिंग बोर्ड को निर्माण कार्य का कार्यान्वयन करने का अधिकार प्राप्त हुआ है।

लागत में बढ़ोतरी और देरी

प्रस्तावित आईएसबीटी परियोजना में समय-सीमा में विलंब के कारण लगभग 15 करोड़ रुपए की लागत वृद्धि हुई है। विशेषज्ञ मानते हैं कि ऐसे बड़े निर्माण कार्य में अनिवार्य रूप से समय और लागत में परिवर्तन होते रहते हैं। हालांकि, कलेक्टर पार्थ जैसवाल का दावा है कि अब पीपीआर अनुमोदन और डीपीआर की तैयारियों के साथ कार्य तेजी से आगे बढ़ेगा।

भविष्य की संभावनाएं और शहर की यातायात व्यवस्था

सौरा क्षेत्र में आईएसबीटी के निर्माण से न केवल शहर की यातायात व्यवस्था में सुधार होगा, बल्कि सौरा और महोबा रोड के आसपास की आर्थिक गतिविधियों में भी वृद्धि की संभावना है। यात्रियों के लिए यह सुविधा शहरी और अंतरराज्यीय बस सेवा के लिए एक बड़ा केंद्र साबित होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि आईएसबीटी के बाद शहर में परिवहन नेटवर्क और आसपास के क्षेत्र की भूमि मूल्य में भी स्थिर वृद्धि देखने को मिलेगी।

प्रशासनिक पहल और जनप्रतिनिधियों की भूमिका

परियोजना को आगे बढ़ाने में कलेक्टर और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भूमिका रही है। सीएम कार्यालय को भी परियोजना की प्रगति और वस्तुस्थिति से अवगत कराया गया है। आईएसबीटी निर्माण को लेकर प्रशासन की योजना स्पष्ट है कि पीपीआर अनुमोदन के तुरंत बाद डीपीआर तैयार कर कार्य प्रारंभ किया जाएगा।

Published on:
17 Sept 2025 10:38 am
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