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डोनाल्ड ट्रंप की धमकी के बाद ईरान का करारा जवाब, पेजेशकियान ने कहा- अमेरिका के दबाव में नहीं झुकेंगे

अमेरिका और ईरान के बीच लागू सीजफायर (America-Iran Ceasefire) खत्म होने वाला है। युद्ध विराम (Ceasefire) खत्म होने से पहले अमेरिका-ईरान के बीच तनाव (America-Iran Tensions) बढ़ गया है।

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Apr 21, 2026
ईरानी राष्‍ट्रपत‍ि मसूद पेजेशकियान (Photo- IANS)

America-Iran Tensions: ईरान-अमेरिका के बीच लागू सीजफायर खत्म होने से पहले दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकी के बाद ईरान ने करारा जवाब दिया है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान (Iranian President Masoud Pezeshkian) ने अमेरिका को चेतावनी दी है। राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने कहा कि ईरानी जनता दबाव या जोर-जबरदस्ती के आगे झुकने वाली नहीं है। अमेरिका के साथ संबंधों को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए पेजेशकियान ने कहा कि किसी भी सार्थक बातचीत की नींव वादों को निभाने पर टिकी होती है।

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ईरानी लोग जोर-जबरदस्ती के आगे नहीं झुकते

ईरानी राष्‍ट्रपत‍ि मसूद पेजेशकियान ने सोशल मीड‍िया अकाउंट X पर ल‍िखा- वादे निभाना ही सार्थक बातचीत का आधार है। अमेरिकी सरकार के रवैये को लेकर ईरान में गहरा ऐतिहासिक अविश्वास अब भी बना हुआ है, जबकि अमेरिकी अधिकारियों से मिलने वाले गैर-रचनात्मक और विरोधाभासी संकेत एक कड़वा संदेश देते हैं कि वे ईरान का समर्पण चाहते हैं। ईरानी लोग जोर-जबरदस्ती के आगे नहीं झुकते।
ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA ने कहा कि मौजूदा हालात में बातचीत से किसी अच्छे नतीजे की उम्मीद बहुत कम है। इसल‍िए ईरान ने अमेरिका के साथ होने वाली शांति वार्ता के दूसरे दौर में शामिल होने से इनकार कर दिया है। IRNA ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर किए गए पोस्ट में कहा कि वार्ता के दूसरे दौर से ईरान की अनुपस्थिति का कारण अमेरिका की बहुत ज्यादा मांगें, अव्यवहारिक उम्मीदें, बार-बार अपने रुख में बदलाव, विरोधाभासी बयान और समुद्री नाकाबंदी हैं। ईरान का मानना है कि यह नाकाबंदी युद्धविराम का उल्लंघन है।

ईरानी विदेश मंत्रालय ने कहा- अमेरिका की खराब नीयत

तेहरान में साप्ताहिक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा क‍ि अब तक हमने अगले दौर की बातचीत को लेकर कोई निर्णय नहीं लिया है। प्रवक्ता ने अमेरिका की आलोचना करते हुए कहा कि वॉशिंगटन एक तरफ कूटनीति की बात करता है, लेकिन दूसरी तरफ उसके कदम उससे मेल नहीं खाते। युद्धविराम की शुरुआत से ही ईरान को अमेरिका की तरफ से खराब नीयत और लगातार शिकायतों का सामना करना पड़ा है।

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने यह भी स्पष्ट किया कि शुरुआत में अमेरिका कह रहा था कि लेबनान युद्धविराम का हिस्सा नहीं है, जबकि दूसरी तरफ इसके उलट दावे किए जा रहे थे। तस्नीम न्यूज एजेंसी के मुताबिक, इस्माइल बघाई ने कहा कि समझौता होने के बाद भी ईरान को होर्मुज स्‍ट्रेट (Strait of Hormuz) में समुद्री गतिविधियों में गतिरोध का सामना करना पड़ा। इसमें रविवार रात एक ईरानी व्यापारिक जहाज पर अमेरिका का हमला भी शामिल है, जिसे उन्होंने युद्धविराम का उल्लंघन और आक्रामक कदम बताया।

अमेरिका ने ईरान को दी धमकी

अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर खत्म (Ceasefire Ends) मंगलवार रात (22 अप्रैल) तक खत्म हो जाएगा। दोनों देशों के बीच युद्ध विराम (Ceasefire) खत्म होने से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने बड़ी धमकी दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (US President Donald Trump) ने सोमवार को कहा- अगर ईरान से जारी युद्ध विराम बिना किसी समझौते के खत्म हो जाता है तो बहुत सारे बम फटने लगेंगे। PBS न्यूज से मुताबिक, ट्रंप से पूछा गया कि अगर कल शाम को युद्ध विराम समाप्त हो जाता है तो क्या होगा? सवाल के जवाब में ट्रंप ने कहा- तब तो बहुत सारे बम फटने लगेंगे।

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