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मनीषा ने हासिल किया ‘ए’ ग्रेड सम्मान, लिया देश सेवा का संकल्प

उज्जैन। “होनहार विरवान के होत चीकने पात” – इस कहावत को उज्जैन की मेधावी छात्रा मनीषा राजपूत ने अपनी कड़ी मेहनत और निरंतरता से चरितार्थ कर दिखाया है। शिक्षा के प्रति अटूट लगन और असाधारण प्रतिभा के दम पर मनीषा ने प्राथमिक से लेकर माध्यमिक शिक्षा तक सफलता का एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। […]

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Mar 27, 2026
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उज्जैन। "होनहार विरवान के होत चीकने पात" - इस कहावत को उज्जैन की मेधावी छात्रा मनीषा राजपूत ने अपनी कड़ी मेहनत और निरंतरता से चरितार्थ कर दिखाया है। शिक्षा के प्रति अटूट लगन और असाधारण प्रतिभा के दम पर मनीषा ने प्राथमिक से लेकर माध्यमिक शिक्षा तक सफलता का एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है।

लगातार 8 वर्षों तक 'ए' ग्रेड का कीर्तिमान

मनीषा ने अपनी शैक्षणिक यात्रा की शुरुआत से ही उत्कृष्टता को अपना लक्ष्य बनाया। कक्षा पहली से लेकर आठवीं तक के सफर में उन्होंने हर साल 'ए' ग्रेड बरकरार रखा है। हाल ही में संपन्न हुई वर्ष 2026 की परीक्षा में भी मनीषा ने 79 अंक अर्जित कर अपनी श्रेष्ठता को सिद्ध किया है। उनकी इस उपलब्धि ने न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे समाज का मान बढ़ाया है।

सफलता के बाद गुरु-वंदन और संस्कारों की झलक

अपनी इस विशेष सफलता पर मनीषा ने भारतीय संस्कृति और संस्कारों का अनुपम उदाहरण पेश किया। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपनी शिक्षिका निधि शर्मा को देते हुए, उन्हें पुष्पमाला पहनाकर और मिठाई खिलाकर सम्मानित किया। शिक्षिका के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लेते हुए मनीषा ने भावुक मन से कहा कि उनकी सफलता के पीछे उनके गुरुजनों का मार्गदर्शन और माता-पिता का अटूट विश्वास है।

लक्ष्य: देश सेवा और विश्व पटल पर प्रदेश का नाम

भविष्य के सपनों के बारे में बात करते हुए मनीषा ने स्पष्ट किया कि उनका लक्ष्य मात्र अंक प्राप्त करना नहीं, बल्कि उच्च शिक्षा प्राप्त कर देश की सेवा करना है। वह चाहती हैं कि उनके कार्यों से उनके माता-पिता और मध्य प्रदेश का नाम वैश्विक स्तर पर रोशन हो।

पिता का गौरव और समाज के लिए प्रेरणा

छात्रा के पिता हरिश सिंह चौहान (मनीष सिंह चौहान) ने बेटी की इस गौरवशाली उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि मनीषा बचपन से ही मेधावी और अनुशासित रही है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि बेटी के सपनों को पंख देने के लिए पूरा परिवार हर कदम पर उसके साथ खड़ा है।

मनीषा की यह निरंतर सफलता उज्जैन के अन्य विद्यार्थियों के लिए एक प्रेरणा है कि यदि लक्ष्य के प्रति समर्पण हो, तो हर बाधा को पार कर सफलता के शिखर पर पहुँचा जा सकता है।

Published on:
27 Mar 2026 08:32 pm