सब्जियों के भाव आजकल आसमान छू रहे। सब्जियों के ज्यादा भाव के कारण आम जनमानस के मीनू से पोषण युक्त थाली गायब हो चुकी है।
सब्जियों के भाव आजकल आसमान छू रहे। सब्जियों के ज्यादा भाव के कारण आम जनमानस के मीनू से पोषण युक्त थाली गायब हो चुकी है। सब्जी मंडी में जहां लहसुन 400 रुपए प्रति किलो के पार पहुंच गया है वहीं प्याज भी थोड़ी उछाल कर अनार के भाव हो गई है। मंडी में प्याज 75 रुपए किलो हो गई है। इसके अलावा धनिया 200 रुपए किलो, टमाटर 60 रुपए प्रति किलो,तो गोभी 80 रुपए प्रति किलो के भाव मिल रही। हरी सब्जियों के तो कहने ही क्या? कोई भी हरी सब्जी 80 रुपए प्रति किलो से कम नहीं मिल रही।
सब्जियों की इस महंगाई से आम से लेकर खास लोगों की थाली से खुशबू और रंग दोनों गायब हो चुका है।
सरकार रोज पोषण पर नई नई योजनाएं बना रही है परंतु सब्जियों के भावों पर उसका कोई नियंत्रण चल नहीं पा रहा।
बाजार में सब्जियों के भाव आसमान छू रहे, और लोग कुपोषण के शिकार हो रहे। सब्जी विक्रेता राजकुमार ने बताया कि हर साल नवंबर के दूसरे सप्ताह तक नए आलू की आवक मार्केट में हो जाती थी,परंतु इस साल अभी आलू,गोभी और मटर पर्याप्त मात्रा में बाजारों तक पहुंच नहीं पाए हैं।
वहीं रोड के किनारे जमीन पर ही बोरा रख कर सब्जी बेचने वाली सरिता बताती है कि लगन का मौसम शुरू होने वाला है ,ऐसे में आवक कम होने से सब्जियों के भाव आसमान छू रहे हैं।
नई और सस्ती मौसमी सब्जियों के लिए अभी लगभग 20 दिन इंतजार करना पड़ेगा।