सबलपुरा-मंगरोप सड़क निर्माण: पीडब्ल्यूडी ने जारी की अधिसूचना, किसानों से 60 दिन में मांगी आपत्तियां
हमीरगढ़ उपखंड क्षेत्र में सबलपुरा से मंगरोप बाईपास बनाते हुए मंगरोप तक सड़क निर्माण परियोजना को गति मिल गई है। राज्य सरकार के सार्वजनिक निर्माण विभाग ने इस प्रोजेक्ट के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रारंभिक अधिसूचना जारी कर दी है। इसके तहत मंगरोप गांव के 19 खसरों की कुल 1.4913 हेक्टेयर करीब 1.5 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। भूमि-अर्जन, पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन अधिनियम 2013 की धारा 11 (1) के तहत जारी इस अधिसूचना के बाद अब संबंधित भूमि के खरीद-फरोख्त पर रोक लग गई है। प्रभावित किसान और भू-मालिक अधिसूचना प्रकाशन की तारीख से 60 दिन के भीतर अपनी आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं।
परियोजना से पहले अधिकृत एजेंसी वंश कंसल्टेंसी की ओर से सामाजिक समाघात निर्धारण अध्ययन कराया गया था। जनसुनवाई और विशेषज्ञ समूह की रिपोर्ट के बाद राज्य सरकार ने साफ किया है कि इस सड़क निर्माण से किसी भी परिवार या कुटुंब के विस्थापित होने की संभावना नहीं है। हालांकि इसमें किसानों की निजी खातेदारी और सरकारी दोनों तरह की जमीनें शामिल हैं।
अधिसूचना के अनुसार राजस्व ग्राम मंगरोप के खसरा नंबर 19 के तहत आने वाली 1.4913 हेक्टेयर भूमि का अर्जन होगा। इसमें सरकारी बंजर भूमि, गैर-मुमकिन नाला, रास्ता के अलावा कई किसानों की निजी कृषि भूमि (चाही, बारानी) शामिल है। भूमि के साथ वहां मौजूद पेड़ बबूल, खजूर, पलाश, नीम आदि और विद्युत लाइनों का भी विवरण जारी किया गया है।
अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि अधिसूचना के जारी होने के बाद कोई भी व्यक्ति इस जमीन का खरीद-बिक्री नहीं करेगा। न ही इस पर कोई नया निर्माण किया जा सकेगा। विशेष परिस्थितियों में भू-उपयोग बदलने या क्रय-विक्रय के लिए सक्षम प्राधिकारी भूमि अवाप्ति अधिकारी एवं उपखंड अधिकारी हमीरगढ़ की पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा।
सार्वजनिक निर्माण विभाग के संयुक्त सचिव के आदेशानुसार यदि किसी खातेदार को इस भूमि-अर्जन से कोई आपत्ति है, तो वह 60 दिवस की अवधि में भूमि-अवाप्ति अधिकारी व उपखंड अधिकारी हमीरगढ़ के समक्ष अपना पक्ष प्रस्तुत कर सकता है।