
प्रदेश के जंगलों में आग की सर्वाधिक घटनाएं दक्षिण राजस्थान में होती है। इनमें भी सर्वाधिक उदयपुर व प्रतापगढ़ जिले में। इसकी बानगी इसी से समझी जा सकती है कि पिछले सवा दो साल में ही उदयपुर जिले में 3013 तो प्रतापगढ़ में 1975 बार जंगल धधके। तलहटी क्षेत्र में लगने वाली आग पर तो दमकल के माध्यम से काबू कर लिया जाता है, लेकिन ऊंचाई पर लगने वाली आग पर नियंत्रण मुश्किल होता है। ऐसे में उदयपुर में फॉरेस्ट फायर सेफ्टी सेंटर की जरूरत महसूस की जा रही है। ताकि प्रशिक्षित फायर फायटर आधुनिक तरीके से दावानल पर काबू पा सके।
दरअसल, फॉरेस्ट फायर सेफ्टी सेंटर की शक्ल में तो नहीं, लेकिन कुछ इससे ही मिलते जुलते प्रस्ताव उदयपुर वन विभाग की ओर से पिछले वित्तीय वर्ष में राज्य सरकार को भेजे गए थे। जिसमें उदयपुर में अग्नि रोकथाम प्रशिक्षण केंद्र अर्थात फायर सेफ्टी सेंटर के लिए भी साठ लाख रुपए का प्रावधान था। कुल दस करोड़ रुपए के इन प्रस्ताव में 'हाई लेवल ट्रेनिंग एंड मॉडर्न इक्वीपमेंट फॉर फायर प्रोटेक्शन' के तहत जंगल की आग पर नियंत्रण के लिए विभिन्न कार्य किए जाने थे। ये प्रस्ताव संभाग के जंगलों में लगने वाली आग की घटनाओं पर रोकथाम के लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की उदयपुर में ही की गई घोषणा के तहत बनाए गए। जो फिलहाल राज्य सरकार के पास विचाराधीन है।
| जिला | 2022 | 2023 | 2024 (17 अप्रेल तक) | कुल घटनाएं |
| उदयपुर | 1264 | 493 | 1256 | 3013 |
| प्रतापगढ़ | 392 | 597 | 986 | 1975 |
| बांसवाड़ा | 131 | 117 | 157 | 405 |
| डूंगरपुर | 141 | 73 | 235 | 449 |
| राजसमंद | 154 | 47 | 209 | 410 |
| चित्तौड़गढ़ | 161 | 105 | 143 | 409 |
| सिरोही | 185 | 37 | 60 | 282 |
| पाली | 87 | 62 | 130 | 279 |
| बारां | 149 | 202 | 59 | 412 |
| बूंदी | 68 | 88 | 08 | 164 |
उदयपुर संभाग में जंगलों में आग की घटनाएं काफी अधिक होती हैं। इन पर नियंत्रण के लिए पूर्व में 'हाई लेवल ट्रेनिंग एंड मॉडर्न इक्वीपमेंट फॉर फायर प्रोटेक्शन' के प्रस्ताव सरकार को भिजवाए गए थे। जो अभी राज्य सरकार के पास विचाराधीन है।
- मुकेश सैनी, उपवन संरक्षक उदयपुर