मोतीझील पहाड़ी पर पिछले पांच साल से मुरम की चोरी हो रही है। यहां तीन साल पहले भी चोरी पकड़ी गई थी। एक करोड़ के ऊपर जुर्माना भी लगाया, लेकिन जुर्माने के बाद फिर से खनन शुरू कर दिया। तीन साल में बड़ी मात्रा में मुरम निकाल ली।
खनिज विभाग ने 17 जनवरी को छापा मारकर जेसीबी, पोकलेन व ट्रैक्टर ट्रॉली जब्त किए थे और माफिया मौके से भाग गया था। वाहनों को जब्त कर थाने में रख दिया है। जब विभाग ने पहाड़ी से मुरम चोरी की पड़ताल की तो सामने आया कि तीन साल पहले भी यहां पर खनन पकड़ गया था। लेकिन जुर्माना लगाने के बाद विभाग ने दोबारा पहाड़ की निगरानी नहीं की, जिसके चलते खनन हो गया। करीब 10 फीट गहरा गड्ढा किया है।
एक सरकारी व दूसरे निजी नंबर पर खोद रहे थे मुरम
दो सर्वे नंबर पर खनन किया रहा था। एक सरकारी था और दूसरा निजी। निजी नंबर की जमीन को कॉलोनी विकसित करने के लिए समतल किया जा रहा था, लेकिन यहां से निकलने वाली मुरम को बेचा जा रहा था। दूसरा नंबर सरकारी था, जिस पर सबसे ज्यादा खनन हुआ।
मोतीझील पहाड़ी पर पहले भी जुर्माना हो चुका है।
वाहन मालिकों ने दस्तावेज पेश नहीं किए हैं। दस्तावेज पेश होने के बाद जुर्माने की कार्रवाई करेंगे। मोतीझील पहाड़ी पर पहले भी जुर्माना हो चुका है।
घनश्याम यादव, जिला खनिज अधिकारी