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पहाड़ी पर दूसरी बार पकड़ी है मुरम चोरी, सात दिन बाद भी मुरम चोरों की पहचान नहीं

मोतीझील पहाड़ी पर पिछले पांच साल से मुरम की चोरी हो रही है। यहां तीन साल पहले भी चोरी पकड़ी गई थी। एक करोड़ के ऊपर जुर्माना भी लगाया, लेकिन जुर्माने के बाद फिर से खनन शुरू कर दिया। तीन साल में बड़ी मात्रा में मुरम निकाल ली।

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मोतीझील पहाड़ी पर पिछले पांच साल से मुरम की चोरी हो रही है। यहां तीन साल पहले भी चोरी पकड़ी गई थी। एक करोड़ के ऊपर जुर्माना भी लगाया, लेकिन जुर्माने के बाद फिर से खनन शुरू कर दिया। तीन साल में बड़ी मात्रा में मुरम निकाल ली।
  • मोतीझील पहाड़ी पर नए गड्ढे की गहराई से लगाया जा रहा खनन का अनुमान
  • चार साल पहले भी मुरम चोरी पकड़ी थी खनिज विभाग ने
  • ग्वालियर। मोतीझील पहाड़ी पर पिछले पांच साल से मुरम की चोरी हो रही है। यहां तीन साल पहले भी चोरी पकड़ी गई थी। एक करोड़ के ऊपर जुर्माना भी लगाया, लेकिन जुर्माने के बाद फिर से खनन शुरू कर दिया। तीन साल में बड़ी मात्रा में मुरम निकाल ली। खनिज विभाग ने पोकलेन व ट्रैक्टर ट्रॉली जब्त कर लिए, लेकिन खनन करने वालों की पहचान नहीं हो सकी है। इस कारण जुर्माना नहीं हो सका है। विभाग मशीन व ट्रैक्टर मालिकों के इंतजार में है, लेकिन मशीन मालिकों ने दस्तावेज पेश नहीं किए हैं।

खनिज विभाग ने 17 जनवरी को छापा मारकर जेसीबी, पोकलेन व ट्रैक्टर ट्रॉली जब्त किए थे और माफिया मौके से भाग गया था। वाहनों को जब्त कर थाने में रख दिया है। जब विभाग ने पहाड़ी से मुरम चोरी की पड़ताल की तो सामने आया कि तीन साल पहले भी यहां पर खनन पकड़ गया था। लेकिन जुर्माना लगाने के बाद विभाग ने दोबारा पहाड़ की निगरानी नहीं की, जिसके चलते खनन हो गया। करीब 10 फीट गहरा गड्ढा किया है।

एक सरकारी व दूसरे निजी नंबर पर खोद रहे थे मुरम

दो सर्वे नंबर पर खनन किया रहा था। एक सरकारी था और दूसरा निजी। निजी नंबर की जमीन को कॉलोनी विकसित करने के लिए समतल किया जा रहा था, लेकिन यहां से निकलने वाली मुरम को बेचा जा रहा था। दूसरा नंबर सरकारी था, जिस पर सबसे ज्यादा खनन हुआ।

  • यदि निजी सर्वे नंबर पर खनन कर रह हैं और खनन से निकलने वाली मिट्टी व मुरम को जमीन समतल करने में उपयोग कर रहे हैं या फिर घर में उपयोग हो रहा है तो रॉयल्टी नहीं देनी पड़ेगी। यदि मुरम बेची है तो जुर्माना देना पड़ेगा।
  • मोतीझील पहाड़ी पर दो तरह के गड्ढे हैं। एक पुराने व दूसरे नए। नए गड्ढे बारिश के बाद के हैं, जबकि पुराने गड्ढे बारिश के पहले के हैं। इसमें गड्ढे चिह्नित करना बड़ी चनौती है।

मोतीझील पहाड़ी पर पहले भी जुर्माना हो चुका है।
वाहन मालिकों ने दस्तावेज पेश नहीं किए हैं। दस्तावेज पेश होने के बाद जुर्माने की कार्रवाई करेंगे। मोतीझील पहाड़ी पर पहले भी जुर्माना हो चुका है।

घनश्याम यादव, जिला खनिज अधिकारी

Published on:
24 Jan 2026 07:15 pm
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