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40 फीसदी बढ़ी ओपीडी, उल्टी-दस्त, टाइफाइड, डेंगू, मलेरिया व वायरल फीवर लोगों को अपनी चपेट में ले रहा

उल्टी-दस्त, टाइफाइड, डेंगू, मलेरिया और वायरल फीवर से पीडि़त मरीज बड़ी संख्या में जिला अस्पताल का रुख कर रहे हैं। अस्पताल के वार्ड मरीजों से भरे पड़े हैं और ओपीडी में रोजाना सैकड़ों लोग इलाज के लिए कतार में खड़े नजर आ रहे हैं।

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Aug 20, 2025
जिला अस्पताल में दवा काउंटर पर मरीजों की भीड़

बारिश जहां किसानों और प्रकृति के लिए संजीवनी मानी जाती है, वहीं आम जनता के लिए बीमारी लेकर आ रही है। जिलेभर में मौसमी बीमारियों का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है। उल्टी-दस्त, टाइफाइड, डेंगू, मलेरिया और वायरल फीवर से पीडि़त मरीज बड़ी संख्या में जिला अस्पताल का रुख कर रहे हैं। अस्पताल के वार्ड मरीजों से भरे पड़े हैं और ओपीडी में रोजाना सैकड़ों लोग इलाज के लिए कतार में खड़े नजर आ रहे हैं।

रोजाना बढ़ रहे मरीज

जिला अस्पताल प्रबंधन के अनुसार पिछले एक सप्ताह से मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। सामान्य दिनों की तुलना में अब 30 से 40 प्रतिशत अधिक मरीज अस्पताल में आ रहे हैं। खासतौर पर बाल रोग और मेडिसिन वार्ड में स्थिति सबसे अधिक गंभीर है। कई मरीजों को उल्टी-दस्त और तेज बुखार के कारण भर्ती करना पड़ रहा है, जबकि अधिकांश मरीजों का इलाज ओपीडी के माध्यम से किया जा रहा है।

पानी जनित रोगों का बढ़ा खतरा

जिला अस्पताल में पदस्थ डॉ. शरद मिश्रा ने बताया कि बरसात के मौसम में पानी जनित रोग सबसे ज्यादा फैलते हैं। दूषित पानी और खुले में रखे भोजन से संक्रमण बढ़ता है। उन्होंने कहा कि इस समय उल्टी-दस्त, टाइफाइड, मलेरिया, डेंगू, वायरल फीवर और सर्दी-खांसी जैसी बीमारियां सबसे तेजी से फैल रही हैं।

बचाव ही है सबसे बड़ा उपाय

डॉ. मिश्रा ने लोगों को सचेत करते हुए कहा कि थोड़ी सी सावधानी बरतकर इन मौसमी बीमारियों से बचा जा सकता है।साफ और उबला हुआ पानी ही पीएं। गंदा, बासी और खुले में रखा भोजन न खाएं। मच्छरों से बचाव के लिए मच्छरदानी और रिपेलेंट का उपयोग करें। यदि किसी को लगातार बुखार, उल्टी-दस्त, कमजोरी या शरीर में दर्द महसूस हो रहा है तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें।

ग्रामीण क्षेत्रों में सबसे ज्यादा खतरा

बारिश में सबसे अधिक प्रभावित ग्रामीण इलाके हो रहे हैं, जहां स्वच्छ पेयजल और सफाई की कमी है। कई गांवों से उल्टी-दस्त और बुखार के मरीज जिला अस्पताल लाए जा रहे हैं। वहीं स्वास्थ्य विभाग की टीमें गांव-गांव में जाकर लोगों को जागरूक कर रही हैं और दवाइयों का वितरण भी कर रही हैं।

अस्पताल प्रशासन की अपील

अस्पताल प्रशासन ने जनता से अपील की है कि किसी भी लक्षण को नजरअंदाज न करें। शुरुआती चरण में इलाज कराने से बीमारी को गंभीर होने से रोका जा सकता है। अस्पताल में मरीजों की सुविधा के लिए अतिरिक्त डॉक्टर और नर्सें तैनात की गई हैं।

Published on:
20 Aug 2025 11:06 am
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