सिमरोल में लाठी-रॉड से घेरकर किया हमला, पुलिस को बैरंग लौटना पड़ा
इंदौर. इंदौर-देवास सीमा से लगे सिमरोल गांव में अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंची पुलिस टीम पर बदमाशों ने हमला कर दिया। लाठी, डंडों और लोहे की रॉड से किए गए इस हमले में थाना प्रभारी गिरिजाशंकर महोबिया, उपनिरीक्षक आशिक हुसैन और आरक्षक मनीष वर्मा घायल हो गए। हालात ऐसे बने कि पुलिस दल को जान बचाकर मौके से लौटना पड़ा। घटना के बाद एसडीओपी देवेंद्र धुर्वे चार थानों के बल के साथ मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक आरोपी फरार हो चुके थे। बाद में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने करीब 7 लाख रुपए की अवैध शराब जब्त की है।
पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि सिमरोल के एक पुराने मकान में बड़ी मात्रा में अवैध शराब रखी हुई है। सूचना पर टीआइ महोबिया पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। तलाशी के दौरान देशी-विदेशी शराब की पेटियां बरामद हुईं। इसी दौरान 8-10 लोग लाठी, डंडों और लोहे की रॉड लेकर पहुंचे और पुलिस टीम पर हमला कर दिया। अचानक हुए हमले से पुलिसकर्मी संभल नहीं पाए।
हमले में एसआई आशिक हुसैन के सिर में गंभीर चोट आई, जिनके टांके लगाने पड़े। वहीं आरक्षक मनीष वर्मा का हाथ फ्रैक्चर हो गया। टीआइ महोबिया को भी चोटें आईं। हमलावरों की संख्या अधिक होने के कारण पुलिस को मौके से पीछे हटना पड़ा और घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया।
टीआई के अनुसार, प्रारंभिक दबिश में मौके पर भारी मात्रा में शराब मिली थी, लेकिन हमले के बाद पुलिस के लौटते ही आरोपी करीब 2 लाख रुपए कीमत की शराब उठाकर फरार हो गए।बाद में अतिरिक्त बल के साथ दोबारा दबिश दी गई, जिसमें करीब 7 लाख रुपए मूल्य की शराब जब्त की गई।
घटना की गंभीरता को देखते हुए सांवेर, चंद्रावतीगंज, हातोद, शिप्रा और मंगलिया चौकी सहित चार थानों का पुलिस बल मौके पर पहुंचा और क्षेत्र में सर्चिंग अभियान चलाया गया। हालांकि आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए।
पुलिस ने मुख्य आरोपी तूफानसिंह सहित सिमरोल के अर्पण, धीरज, वीरेंद्र, जितेंद्र, महाराजगंजखेड़ा के धर्मेंद्र व तंवरसिंह और गुरान के चेतन जायसवाल सहित अन्य के खिलाफ आबकारी एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की धाराओं में मामला दर्ज किया है। मंगलवार रात तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी थी, हालांकि पुलिस लगातार दबिश देकर उनकी तलाश में जुटी है।