स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत फर्स्ट फेज में हुए कार्य पूरे होते ही इन्हें नगर निगम को सुपुर्द किया जाएगा। जबकि इन कार्यों का रख रखाव एल एंड टी कम्पनी की ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस (ओ एंड एम) विंग की ओर से किया जाएगा। जो नगर निगम की निगरानी में ही कार्य करेगी।
उदयपुर में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट फेज-1 का कार्य अब अंतिम चरण में है। इसके साथ ही फेज-2 के लिए चयनित शहरों में उदयपुर को भी शामिल किया गया है। जिसके तहत शहरों में ठोस कचरा प्रबंधन (सोलिड वेस्ट मैनेजमेंट) पर कार्य किया जाएगा। उदयपुर में इस कार्य के लिए करीब 135 करोड़ के अनुमानित बजट की डिमांड की गई है। हालांकि इस पर अंतिम निर्णय केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय ही करेगा।उदयपुर में होने वाले सेकंड फेज के कार्य के लिए स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट की ओर से जयपुर के सोलिड वेस्ट मैनेजमेंट एक्सपर्ट चंद्रप्रकाश जिंदल से करार किया गया है। जो अपनी टीम के साथ प्रोजेक्ट के दूसरे चरण के कार्यों के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करेंगे। इस कार्य में करीब तीन माह का समय लगने का अनुमान है।
उधर, ठोस कचरा प्रबंधन परियोजना के तहत उदयपुर विकास प्राधिकरण की ओर से काया गांव में भूमि आवंटित की गई है। जहां मटेरियल रिकवरी फैसेलिटी (एमआरएफ) तैयार की जाएगी। इसमें कचरे के सेग्रिगेशन सहित अन्य कार्य होंगे। यह एमआरएफ सोलर एनर्जी युक्त होगा।
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट फेस सेकंड की क्रियान्विती के लिए केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय की ओर से आगामी दिनों में दिल्ली में प्रशिक्षण होगा। जिसमें उदयपुर से प्रोजेक्ट के चीफ कंस्ट्रक्शन मैनेजर अरुण श्रीमाली, अधिशासी अभियंता दिनेश पंचोली, नगर निगम के अधीक्षण अभियंता मुकेश पुजारी सहित एक अन्य अभियंता भाग लेंगे।
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत फर्स्ट फेज में हुए कार्य पूरे होते ही इन्हें नगर निगम को सुपुर्द किया जाएगा। जबकि इन कार्यों का रख रखाव एल एंड टी कम्पनी की ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस (ओ एंड एम) विंग की ओर से किया जाएगा। जो नगर निगम की निगरानी में ही कार्य करेगी।
स्मार्ट सिटी के सेकंड फेज के लिए भी उदयपुर शहर का चयन किया गया है। इसके तहत सोलिड वेस्ट मैनेजमेंट का कार्य किया जाएगा। फिलहाल डीपीआर बनाने के लिए एक्सपर्ट से करार किया गया है। वे जल्द ही कार्य शुरू करेंगे। डीपीआर तैयार होने और बजट अप्रूवल के बाद आगे के कार्यों के लिए निविदा की जाएगी।
- कृष्णपाल सिंह चौहान, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी, स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत आयड़ नदी सौंदर्यीकरण कार्य में चल रही ढिलाई को लेकर अधिकारी हरकत में आए हैं। राजस्थान पत्रिका के 29 अप्रेल के अंक में Òआयड़ नदी : कार्य में देरी, ठेकेदारों पर गिरेगी गाजÓ शीर्षक से समाचार प्रकाशित होने के बाद बुधवार को अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी कृष्णपाल सिंह चौहान ने नदी के कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि पूला से ठोकर चौराहा तक पुनरुद्धार कार्य किया जा रहा है। जिसकी कुल लंबाई 5 किलोमीटर है। वर्तमान में 70 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। चौहान ने कार्यों को लेकर अधिकारियों, पीएमसी इंजीनियर्स तथा ठेकेदारों से विस्तृत चर्चा की। निरीक्षण के दौरान काम की धीमी गति को लेकर नाराज़गी जताई। पूर्व में संवेदकों को लगातार मौखिक व लिखित निर्देश के बाबजूद प्रगति संतोषजनक नहीं है। इसके लिए संवेदकों पर शास्ति लगाते हुए डी-बार की प्रक्रिया प्रारंभ करने के निर्देश दिए। इस दौरान अधिशासी अभियंता दिनेश पंचोली, पीएमसी से मुख्य निर्माण प्रबंधक अरुण श्रीमाली, सहायक निर्माण प्रबंधक अमित यादव एवं अन्य इंजीनियर मौजूद थे।