समाचार

Private Schools की 54 करोड़ रुपए की फीस वसूली अमान्य घोषित, 2 लाख का जुर्माना लगा

समिति ने जांच के आधार पर निर्णय करते हुए पुरानी फीस लागू करने के निर्देश दिए हैं। मध्य प्रदेश निजी विद्यालय अधिनियम 2017 के तहत गठित जिला समिति ने यह कार्रवाई की है।
2 min read
Sep 05, 2024
private school fees Gwalior schools will have to return Rs 30 lakh
private school fees Gwalior schools will have to return Rs 30 lakh

Private Schools जिला समिति ने 8 स्कूलों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैधानिक रूप से की गई फीस वृद्धि को अमान्य घोषित कर दिया है। समिति ने जांच के आधार पर निर्णय करते हुए पुरानी फीस लागू करने के निर्देश दिए हैं। मध्य प्रदेश निजी विद्यालय अधिनियम 2017 के तहत गठित जिला समिति ने यह कार्रवाई की है।

private school fees

Private Schools मप्र निजी विद्यालय अधिनियम के तहत जिला समिति की कार्रवाई : पुरानी फीस की निर्धारित

इन निजी विद्यालयों की 54 करोड़ की फीस वृद्धि को अवैधानिक पाया गया है। स्कूलों के खिलाफ पेनल्टी भी लगाई गई है। इनमें माउंट लिटेरा जी स्कूल, विस्डम वैली स्कूल शास्त्री नगर एवं विस्डम वैली स्कूल कटंगा, स्प्रिंग डे स्कूल अधारताल, अजय सत्य प्रकाश पनागर, सत्य प्रकाश स्कूल पोलीपाथर, क्राईस्ट चर्च गर्ल्स स्कूल, सेंट अलायसियस स्कूल पनागर एवं सेंट जोसेफ स्कूल टीएफआरआई शामिल है।

Private Schools

Private Schools : 2-2 लाख रुपए की लगाई पेनाल्टी

मध्य प्रदेश निजी विद्यालय फीस तथा संबंधित विषयों का विनियमन नियम 2020 के नियम 9 के तहत स्कूलों के खिलाफ 2-2 लाख की पेनल्टी प्रशासन द्वारा लगाई गई है। राशि कमिश्नर पब्लिक इंस्ट्रक्शन एमपी नगर भोपाल के खाते में 30 दिनों के अंदर ऑनलाइन जमा करानी होगी। इसकी पावती जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में देना होगी।

Private Schools अवैधानिक फीस अभिभावकों को लौटाने के निर्देश

जिला शिक्षा अधिकारी घनश्याम सोनी ने बताया कि इन स्कूलों ने सत्र 2024-25 में 54.26 करोड़ रुपए की फीस अवैध रूप अभिभावकों से वसूली गई। उक्त राशि 2 करोड़ से लेकर 10 करोड़ तक शामिल है। यह अवैधानिक फीस स्कूलों को अभिभावकों को लौटाने के निर्देश दिए गए हैं। उल्लेखनीय है कि अभिभावकों की शिकायतों को देखते हुए जिला कलेक्टर दीपक सक्सेना की अध्यक्षता में प्रशासनिक अधिकारियों की कलेक्ट्रेट कार्यालय में बैठक आयोजित की गई थी। प्रकरण को जिला समिति को जांच के लिए भेजा गया था जिसके बाद समिति द्वारा बुधवार की देर शाम को आदेश जारी किए गए।

Updated on:
05 Sept 2024 12:25 pm
Published on:
05 Sept 2024 12:21 pm