
राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन के अंतर्गत मप्र ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। वर्ष 2023 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा मप्र के शहडोल से इस राष्ट्रीय मिशन की शुरुआत की गई थी और निर्धारित समय से पहले मप्र द्वारा स्क्रीनिंग का लक्ष्य पूरा होना बड़ी उपलब्धि है। यदि इसी तरह प्रतिबद्धता और संवेदनशीलता के साथ कार्य जारी रहा तो वर्ष 2047 से पहले ही भारत सिकल सेल जैसी गंभीर बीमारी के उन्मूलन के अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकेगा।
यह बात शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया दिवस पर ओंकारेश्वर में आयोजित राज्य स्तरीय सिकल सेल के कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संबोधित करते हुए कही। दो दिवसीय खंडवा दौरे के दूसरे दिन राष्ट्रपति मुर्मू सिकल सेल के कार्यक्रम में शुक्रवार को बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुईं। राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में मप्र द्वारा किए जा रहे सिकल सेल उन्मूलन कार्यक्रम की सराहना की। साथ ही उन्होंने सभी राज्यों से इस अभियान को सर्वाेच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में राज्यपाल मंगूभाई पटेल ने कहा कि सिकल सेल रोग केवल स्वास्थ्य की समस्या नहीं, बल्कि विशेष रूप से जनजातीय समाज के सामाजिक और आर्थिक विकास से जुड़ी गंभीर चुनौती है। उन्होंने कहा कि मप्र में इस अभियान को सर्वाेच्च प्राथमिकता के साथ संचालित किया जा रहा है। मप्र में अब तक 1.32 करोड़ से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है और लगभग 95 से 96 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। आगामी दो से तीन महीनों में शेष कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह अभियान आने वाली पीढिय़ों को सिकल सेल जैसी घातक बीमारी से बचाने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि इस बीमारी का प्रभाव केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरा परिवार और कई पीढिय़ां इसकी पीड़ा झेलती हैं। इसलिए इसे रोकना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने भी संबोधित किया।
राष्ट्रपति मुर्मू ने यहां प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस दौरान सिकल सेल को लेकर किए जा रहे प्रयासों को सराहा। यहां सिकल सेल एनीमिया ग्रसित बच्चों के लिए रक्त की उपलब्धता कराने वाले रक्त मित्रों का भी सम्मान करते हुए उनके साथ फोटो खिंचवाया। कार्यक्रम में सिकल सेल को लेकर उत्कृष्ट कार्य करने वाली तीन पंचायतों की महिला सरपंच, स्वास्थ्य विभाग की सीएचओ का सम्मान किया गया।
डाभिया ग्राम पंचायत सरपंच नीला दिनकर, सीएचओ कृतिका यादव, कुम्हारखेड़ा की सरपंच बीनाबाई उईके, सांवलीखेड़ा की सीएचओ भावना बैरागी और खेड़ी की सरपंच सुनीताबाई कलम, सीएचओ साधना कास्डे शामिल रहीं।
10.05 बजे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पहुंचीं प्रदर्शनी में
10.10 बजे तक किया प्रदर्शनी का अवलोकन
10.26 सिकल सेल के कार्यक्रम मंच पर पर आगमन
10.27 बजे वंदे मातरम और राष्ट्रगान हुआ
10.32 बजे दीप प्रज्वलन
10.34 उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल का संबोधन
10.38 मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपति को आदिगुरु शंकराचार्य की प्रति कृति भेंट की
10.39 सिकल सेल जागरूकता को लेकर वीडियो का प्रदर्शन
10.43 सिकल सेल को लेकर उत्कृष्ट कार्य करने वाली ग्राम पंचायत और सरपंचों का सम्मान
10.52 राज्यपाल का संबोधन
10.59 राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का संबोधन
11.11 राष्ट्रपति द्रौपदी का संबोधन समाप्त
11.15 बजे वंदे मातरम, राष्ट्रगान से कार्यक्रम का समापन
11.20 बजे हेलीपेड से रवाना