श्रीगंगानगर. जिला मुख्यालय स्थित जगदम्बा अंध विद्यालय के संस्थापक स्वामी ब्रह्मदेव को भारत सरकार की ओर से पद्मश्री सम्मान प्रदान किया जाएगा। यह प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पुरस्कार उन्हें दृष्टिहीन एवं मूक-बधिर बच्चों के लिए निःशुल्क शिक्षा तथा जरूरतमंदों के लिए निःशुल्क नेत्र चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के पुनीत और समर्पित कार्यों के लिए दिया जा रहा […]
श्रीगंगानगर. जिला मुख्यालय स्थित जगदम्बा अंध विद्यालय के संस्थापक स्वामी ब्रह्मदेव को भारत सरकार की ओर से पद्मश्री सम्मान प्रदान किया जाएगा। यह प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पुरस्कार उन्हें दृष्टिहीन एवं मूक-बधिर बच्चों के लिए निःशुल्क शिक्षा तथा जरूरतमंदों के लिए निःशुल्क नेत्र चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के पुनीत और समर्पित कार्यों के लिए दिया जा रहा है। 46 साल पहले करीब स्वामी ब्रह्मदेव ने 13 दिसंबर 1980 को श्रीगंगानगर के हनुमानगढ़ रोड पर एक कमरे में छह विद्यार्थियों और एक शिक्षक के साथ जगदम्बा अंध विद्यालय की स्थापना की थी। समय के साथ यह छोटा-सा प्रयास आज एक विशाल वटवृक्ष का रूप ले चुका है। वर्ष 1983 में इसी परिसर में मूक एवं बधिर बच्चों के लिए विद्यालय की शुरुआत की गई, जिसका उद्घाटन तत्कालीन लोकसभा अध्यक्ष बलराम जाखड़ ने किया था। सेवा की इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए 19 सितंबर 1993 को जगदम्बा आई हॉस्पिटल की स्थापना की गई, जिसका लोकार्पण तत्कालीन प्रधानमंत्री पी. वी. नरसिंह राव द्वारा किया गया। जगदम्बा आई हॉस्पिटल के माध्यम से अब तक हजारों जरूरतमंद मरीजों की आंखों के निःशुल्क ऑपरेशन किए जा चुके हैं। स्वामी ब्रह्मदेव की यह सेवा यात्रा न केवल श्रीगंगानगर, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणास्रोत बन चुकी है।