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हनुवंतिया टॉपू जल महोत्सव : सवा करोड़ रुपए का फर्जीवाडा़, टेंट सिटी बनाने वाली कंपनी फरार

मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में इंदिरा सागर के बैकवाटर नर्मदा नदी पर स्थित टॉपू पर हर साल मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड के द्वारा हनुवंतिया जल महोत्सव आयोजित करता है। इस महोत्व का ठेका एजेंसी टेंट सिटी विकसित किया है। इसमें कार्य करने वाले वेंडर्स को भुगतान नहीं किया गया। मामले की शिकायत पर्यटन बोर्ड के प्रबंध संचालक समेत कलेक्टर, एसपी से की गई है। अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

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May 23, 2026
खंडवा : हनुवंतिया टॉपू में हल महोत्सव की फाइल फोटो

मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में इंदिरा सागर के बैकवाटर नर्मदा नदी पर स्थित टॉपू पर हर साल मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड के द्वारा हनुवंतिया जल महोत्सव आयोजित करता है। इस महोत्व का ठेका एजेंसी टेंट सिटी विकसित किया है। इसमें कार्य करने वाले वेंडर्स को भुगतान नहीं किया गया। मामले की शिकायत पर्यटन बोर्ड के प्रबंध संचालक समेत कलेक्टर, एसपी से की गई है। अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

12 से अधिक वेंडर्स का भुगतान लेकर फरार

प्रदेश में बहुचर्चित हनुवंतिया जल महोत्सव में करोड़ों रुपए के फर्जीवाडा़ का मामला सामने आया है। महोत्सव में काम करने वाले 12 से अधिक वेंडर्स पिछले कई महीनों से अपने सवा करोड़ रुपए से अधिक के बकाया भुगतान के लिए अधिकारियों और संबंधित कंपनियों के चक्कर काट रहे हैं ।

सुनियोजित आर्थिक धोखाधड़ी, जांच की मांग

वेंडर्स का कहना है कि उन्होंने हनुवंतिया में जल महोत्सव के दौरान टेंट सिटी में विभिन्न सेवाएं और सामग्री उपलब्ध कराने के बावजूद उन्हें राशि नहीं मिली। इनमें सुरक्षा व्यवस्था, रेस्टोरेंट संचालन, सफाई और तकनीकी व्यवस्थाएं देने वाले शामिल हैं। वेंडर्स ने इसे सुनियोजित आर्थिक धोखाधड़ी बताते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।

टेंट सिटी बनाने वाली संस्था का फर्जीवाडा़

कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और पर्यटन विभाग में प्रबंधन निदेशक कार्यालय में आवेदन देकर वेंडर्स ने आरोप लगाया है कि हनुवंतिया में टेंट सिटी विकसित करने वाली संस्था और उनसे जुडे लोग वेंडर्स के संपर्क से बाहर हैं। रेस्टोरेंट वेंडर सुधीर तिवारी और सिक्योरिटी वेंडर राहुल सिंह ने भी धोखाधड़ी का आरोप लगाया।

कलेक्टर-एसपी से शिकायत, फिर कार्रवाई नहीं

राहुल सिंह के अनुसार पर्यटन विभाग ने एइजी माय ट्रिप नाम की कंपनी को टेंडर दिया और भुगतान भी किया, लेकिन एजेंसी ने काम दूसरी कंपनी को सौंप दिया। वेंडर्स का दावा है कि पूरे मामले में फर्जीवाडा़ किया गया है। क्षेत्रीय पुलिस अधीक्षक और कलेक्टर को लिखित शिकायत दे चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

भुगतान नहीं मिलने से संकट में वेंडर्स

भुगतान नहीं मिलने से कई वेंडर्स आर्थिक संकट में हैं। उन्होंने उच्चस्तरीय जांच और धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज करने की मांग की है ताकि सभी पीड़ितों को उनका बकाया भुगतान मिल सके। स्थानीय लोगों का मानना है कि इस बार के आयोजन ने महोत्सव की छवि को नुकसान पहुंचाया है।

एजेंसी ने टेंडर लेकर दूसरे को दिया कार्य

रेस्टोरेंट वेंडर सुधीर तिवारी के अनुसार इजी माय ट्रिप और स्काय क्लीन सॉल्यूशन के नाम पर बड़े स्तर पर धोखाधड़ी की है। आरोप है कि आयोजन के दौरान लगातार आश्वासन दिए जाते रहे, लेकिन कार्यक्रम समाप्त होने के बाद संबंधित लोग संपर्क से बाहर हो गए। सिक्योरिटी वेंडर राहुल सिंह के मुताबिक पर्यटन विभाग द्वारा इजी माय ट्रिप को टेंडर दिया गया था और विभाग की ओर से भुगतान भी कर दिया गया, लेकिन उसके बाद एजेंसी ने काम दूसरी कंपनी को सौंप दिया।

इनका कहना : इलैइयाराजा टी, संचालक, पर्यटन बोर्ड, मप्र

मामले में दोनों संस्थाएं एक दूसरे की शिकायत कर रहीं हैं। भुगतान से नहीं होता है। दोनों संस्थाओं के बीच का मामला है। आवेदन के आधार पर चेक कराएंगे।

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Published on:
23 May 2026 01:07 pm
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